उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को मंजूरी

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लखनऊ, तीन अक्तूबर : उत्तर प्रदेश सरकार ने आज मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इस विस्तृत एवं महत्वपूर्ण योजना के तहत विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया गया है। विवाह करने वाले हर जोडे पर मुख्यमंत्री की ओर से 35 हजार रूपये खर्च किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शाम हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में उक्त फैसला किया गया। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक समिति रहेगी जो चिन्हित करेगी कि इस योजना का लाभ किन्हें दिया जा सकता है । इस योजना के तहत विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, इस योजना में जोडे पर खर्च 35 हजार रूपये का होगा। सामूहिक विवाह में न्यूनतम दस जोडे होने चाहिए। यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नगर निगम, नगर पंचायत, नगर पालिका, जिला पंचायत जैसी अनेक संस्थाएं होंगी।
सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत जोडों को मुख्यमंत्री की ओर से कई तोहफे और गृहस्थी का साज सामान दिया जाएगा। इनमें कपडे, बिछिया, पायल, अलग अलग तरह के बर्तन और मोबाइल शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ धनराशि भी दी जाएगी। कुल खर्च 35 हजार रूपये का होगा। लाभार्थियों के खाते में 20 हजार रूपये सीधे दिये जायेंगे। कुल मिलाकर पूरा व्यय 35 हजार रूपये होगा।
सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने एक अन्य फैसला किया जो आधार कार्ड से संबंधित था। इस आशय का प्रस्ताव योजना विभाग के माध्यम से लाया गया।
उन्होंने बताया कि जिस प्रकार की सब्सिडी दी जाती हैं, उन्हें आधार कार्ड से संबद्ध किया जा रहा है और सीधे फायदे हस्तांतरित किये जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में योजनाओं का लाभ सीधे खाते में हस्तांतरित करने के लिए विधेयक पारित नहीं किया गया था। इसलिए एक प्रस्ताव कैबिनेट में लाया गया। महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा में जो चल रहा है, उसी माडल के आधार पर हम प्रस्ताव लेकर आये।
उन्होंने बताया कि चाहे वृद्धावस्था पेंशन हो या छात्रवृत्ति, सारे नकद लेनदेन अब सीधे खाते में ट्रांसफर किये जायेंगे। इसे आधार कार्ड से संबद्ध किया जाएगा।
सिंह ने बताया कि कुछ स्कीम ऐसी भी हैं, जिन्हें आधार से लिंक करने का कारण है क्योंकि लेखा उद्देश्य से ऐसी आवश्यकता पडती है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस को भी आधार से लिंक कर रहे हैं ताकि निगरानी सही हो और पता चले कितने लाभार्थियों को लाभ मिल रहा है।
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट में प्रस्ताव पारित हो गया है और अब इस आशय का विधेयक लाया जायेगा।
सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने सरकारी स्कूल में पढ रहे बच्चों के सर्दी के कपडे वितरित करने के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों का ड्रेस पब्लिक स्कूल की तरह हो, सरकार का यही प्रयास है। गर्मी का मौसम हो तो वैसी ड्रेस हो, योगी सरकार का पहला निर्णय था….अब जाडा आ रहा है तो उनको (बच्चों को) वैसे कपडे मिलें, उस दिशा में काम किया जा रहा है। कपडे देने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।

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