कश्मीर में हिंसा फ़ैलाने वाले पत्थरबाजों का संबंध हाफिज के आतंकी संगठन से : एनआईए

0

एनआईए ने उन 48 पत्थरबाजों का पता लगा लिया है जो पाकिस्तान के लिए कश्मीर में हिंसा फैलाने का काम कर रहे हैं। एनआईए को ऐसे 28 वाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिनमें पत्थरबाजों के जमात उद दावा से जुड़े होने के पक्के सबूत हैं। मंगलवार को जांच एंजेसी ने बताया कि इन सभी वाट्सएप ग्रुप में पांच हजार सदस्य शामिल हैं जो मूलत: कश्मीरी हैं लेकिन इनके मोबाइल नंबर पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई ग्रुप पाकिस्तान द्वारा बनाए गये हैं। एनआईए को भी इस बात के सबूत मिले हैं कि इन वाट्सएप ग्रुप में पाकिस्तान के मोबाइल नंबर मौजूद हैं। बता दें कि इन नंबरों में से कुछेक में जमात उद दावा के पोस्टर और प्रचार सामाग्री देखी गई है।

एजेंसी के एक जांचकर्ता ने बताया कि हुर्रियत नेता इन पत्थरबाजों को आतंक फैलाने के लिए फंड मुहैया करवाते हैं जो कि पाकिस्तान से पहुंचाया जाता है। एनआईए का ये भी कहना है कि अलगाववादियों से पूछताछ के बाद इस बात से पर्दा हट जाएगा कि इन पत्थरबाजों को फंड मुहैया करवाने वाला असल सरगना कौन है।
एनआईए ने 28 वाट्सएप ग्रुपों के संदेशों को ट्रैक किया है जो धार्मिक पोस्ट, आतंक को उकसाने वाले मटेरियल और घाटी में पल-पल की खबर आतंकियों को दे रहे थे। ये सभी मैसेज जम्मू कश्मीर में सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को भेजे गए थे। एनआईए ने बताया कि वाट्सएप का ये आइडिया मुठभेंड़ में आतंकियों को सूचित करने और उन्हें बच भागने के लिए अपनाया गया था।

इन 28 वाट्स ग्रुप के आधार पर एनआईए उन 48 कश्मीरियों के मोबाइल नंबर तक पहुंची है जो पिछले कई सालों से आतंकी और सेना के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान पत्थरबाजी करते देखे गए थे। इनके कॉल रिकॉर्ड से भी ये बात सामने आई है कि ये 48 कश्मीरी लगातार हुर्रियत नेताओं को घाटी की खबर पहुंचाने का काम करते थे। बता दें कि ये पत्थरबाज दक्षिणी कश्मीर के कई इलाकों में छुपे हुए हैं जिन्हे एंजेसी जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here