पीएम मोदी ने जारी की 1, 2, 5, 10 और 20 रुपयों के सिक्कों की नई श्रृंखला

0
1770

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के आइकानिक वीक समारोह का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने 1, 2, 5, 10 और 20 रुपयों के सिक्कों की नई श्रृंखला भी जारी की। ये सिक्के आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सिक्के लगातार लोगों को अमृत काल के लक्ष्यों की याद दिलाएंगे और उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों से कहा, आप सभी इस विरासत का हिस्सा हैं। देश के आम जन के जीवन को आसान बनाना हो, या देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करना हो, बीते 75 वर्षों में अनेक साथियों ने इसमें बहुत योगदान दिया है। बीते वर्षों में वित्त और कॉरपोरेट मंत्रालय ने अपने कार्यों के द्वारा, सही समय पर सही निर्णयों के द्वारा अपनी एक विरासत बनाई है, एक बेहतरीन सफर तय किया है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने क्रेडिट लिंक्ड सरकारी योजनाओं के लिए जन समर्थ पोर्टल शुरू किया। यह पोर्टल अलग-अलग योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। यह अपने आप में पहला ऐसा पोर्टल होगा जो लाभार्थियों को ऋणदाताओं से जोड़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, आज यहां रुपये की गौरवशाली यात्रा को भी दिखाया गया। इस सफर से परिचित कराने वाली डिजिटल प्रदर्शनी भी शुरू हुई औरआजादी के अमृत महोत्सव के लिए समर्पित नए सिक्के भी जारी हुए। आजादी के लंबे संघर्ष में जिसने भी हिस्सा लिया, उसने आंदोलन में नए आयाम को जोड़ा। आजादी का यह अमृत महोत्सव सिर्फ 75 वर्षों का उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि आजादी के नायक, नायिकाओं ने आजाद भारत के लिए जो सपने देखे थे, उन सपनों को परिपूर्ण करना, उन सपनों में नया सामर्थ्य भरना, और नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ने का पल है। उन्होंने बीते 8 वर्षों में अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाकर कहा,  भारत अभियान ने गरीब को सम्मान से जीने का अवसर दिया। पक्के घर, बिजली, गैस, पानी, मुफ्त इलाज जैसी सुविधाओं ने गरीब की गरिमा बढ़ाई, सुविधा बढ़ाई। कोरोना काल में मुफ्त राशन की योजना ने 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को भूख की आशंका से मुक्ति दिलाई। सबसे बड़ी बात देश के लोगों में अभाव से बाहर निकलकर सपनें देखने और उन्हें साकार करने का नया हौंसला हमें देखने को मिला।

देश की आधी आबादी, जो देश के विकास के विमर्श से, फॉर्मल सिस्टम से वंचित थी। उसका इन्क्लूजन हमने मिशन मोड में किया। वित्तीय समावेशन का इतना बड़ा काम, इतने कम समय में दुनिया में कहीं नहीं हुआ है। आज 21वीं सदी का भारत पीपलसेंट्रिक गवर्नेंस एप्रोच के साथ आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये जनता ही है जिसने हमें अपनी सेवा के लिए यहां भेजा है। इसलिए ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, कि हम जनता तक स्वयं पहुंचे। अलग-अलग मंत्रालयों के अलग-अलग वेबसाइटों के चक्कर उस लगाने से बेहतर कि वहां भारत सरकार के एक पोर्टल तक पहुंचे, और उसकी समस्या का समाधान हो। आज जन समर्थ पोर्टल लांच किया गया है, जो इसी लक्ष्य के साथ बढ़ाया गया है। हमारी सरकार के द्वारा 30,000 से ज्यादा कंप्लायंसेज को कम करके, 1500 से ज्यादा कानूनों को समाप्त
करके, कंपनीज एक्ट के अनेक प्रावधानों को डिक्रिमिनलाइज करके, हमने सुनिश्चित किया है कि भारत की
कंपनियां न सिर्फ आगे बढ़ें बल्कि नई ऊंचाई प्राप्त करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here