रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा सॉल्वर गैंग के भेंट चढ़ी

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नकल कराने वाले गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार
मोटी रकम लेकर लैब टेक्निशियन के जरिए कराते थे नकल
परीक्षा शुरु होने के 30 मिनट पहले परीक्षार्थी के पास पहुंचती थी उतरकुंजी

लखनऊ। प्रदेश में नकल माफिया गिरोह ने एक बार फिर परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी करते हुए रेलवे भर्ती बोर्ड की गु्रप डी की परीक्षा को भी नहीं छोड़ा। नकल माफिया गिरोह के सदस्यों ने अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर लैब टेक्निशियन के जरिए नकल करा रहे थे कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ)ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही परीक्षा केन्द्रों में अपने सदस्यों के जरिए उतरकुंजी की पहुंचाते थे।
एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश के मुताबिक रेलवे भर्ती बोर्ड की गु्रफ डी की आनॅलाइन परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए एसटीएफ को निर्देषित किया गया था।

इस बीच एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि गाजियाबाद के परीक्षा केन्द्र आरडी इंजीनियरिंग कालेज दुहाई पैसा लेकर पेपर हल कराया जा रहा है। सूचना पर टीम ने पहुंचकर परीक्षा केंद्र के बाहर से नकल कराने वाले गिरोह चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि परीक्षा केन्द्र के अंदर उनका साथी सचिन मलिक लैब में ड्यूटी कर रहा है। जिसके बाद सचिन मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी आशीष कुमार, गाजियाबाद निवासी विपिन, रूपक, प्रदीप पवार, सचिन मलिक और नेत्रपाल के रूप में हुई है। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी सचिन मलिक ने बताया कि उसके दोस्त हरियाणा निवासी जयबीर और बागपत निवासी अंकित से रेलवे ग्रुप-डी की आयोजित परीक्षा की उतरकुंजी लेते हैं। जो परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले उसके वाट्सएप पर भेजते हैं। इस उतरकुंजी को विपिन और रूपक के जरिए परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात कराए गए व्यक्ति को मुहैया कराया जाता है। रूपक परीक्षा केन्द्र में आने से पहले ही बता देता था कि उतरकुंजी को बाथरूम में रखेगा। जिसे बताये गये अभ्यर्थी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उसकी होती थी।

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