नई दिल्ली, 16 जुलाई 2018: रण का मैदान तैयार है पक्ष और विपक्ष आमने सामने हैं इस बार फिर मानसून सत्र में सरकार पर विपक्ष अपनी बिजलियां गिराने को तैयार है। इस बार विपक्ष ने अपने मुद्दों में धार तेज की है। बढ़ती महंगाई और विशेष रूप से पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार हो रही उछाल, रुपए की गिरती कीमत, जम्मू कश्मीर के हालात, आंध्रप्रदेश तथा किसानों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के कड़े तेवर को देखते हुए बजट सत्र की तरह संसद के मानसून सत्र के भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। 18 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में राज्यसभा के उपसभापति का भी चुनाव होना है।
बता दें, कि भारतीय जनता पार्टी यह पद विपक्ष को देने को तैयार नहीं है। जिसके कारण विपक्षी दलों में नाराजगी है और वह अपना उम्मीदवार खड़ा करने की जुगत में हैं। इस चुनाव में यह भी स्पष्ट होगा कि विपक्ष कितना एकजुट है। इस सत्र में विपक्षी दल एक बार फिर सरकार को विभिन्न राजनितिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दल कांग्रेस के लगातार कमजोर होने और इसमें रिकॉर्ड स्तर तक गिरती विदेशनीति, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप फसलों का समर्थन मूल्य ना बढ़ाए जाने, पीट-पीटकर हत्या की बढ़ती घटनाओं तथा बैंकों का पैसा लेकर फरार हुए कथित लोगो को वापस लाने में सरकार की विफलता को लेकर उसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।







