- विधानमंडल के विशेष सत्र में सीएम ने कहा, ‘स’ से सपा, ‘ब’ से बसपा, ‘क’ से कांग्रेस
- आरक्षण को बढ़ाने के लिए मंगलवार को बुलाया गया विशेष सत्र
लखनऊ, 31 दिसम्बर 2019: बिना भेदभाव सबको जोड़ने का एक सार्थक प्रयास हो सके। सभी को समाज में एक विकास करने का मौका मिले, इसके लिए जरूरी है कि आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाया जाय। यदि बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के सपनों को किसी ने साकार किया है तो वह मोदी सरकार ने किया है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वे आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाये जाने के लिए मंगलवार को बुलाए गये विशेष सत्र में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि गरीबों का भी विकास हो सके। यही विपक्ष का असली चेहरा है। इस कारण हर वक्त विकास में बांधा डालना चाहता है। उन्होंने कहा कि ‘सबका’ बनते हैं, स से सपा, ब से बसपा, क से कांग्रेस, इन्होंने ही पिछड़ों गरीबों के विकास होने नहीं दिया। इनका विकास होने पर इन्हें ही ज्यादा परेशानी है।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के जन्मस्थान को मोदी सरकार ने तीर्थ स्थल बनाने का काम किया। बाबा साहेब ने जिस भवन में रहकर अंतिम सांस ली थी, वहां पर एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाकर नरेन्द्र मोदी जी ने तीर्थ के रूप विकसित किया।
उन्होंने कहा कि पीएम ने जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ ली थी तो 10 करोड़ परिवारों के पास शौचालय नहीं था, उन्हें शौचालय देने का काम पीएम नरेन्द्र मोदी ने किया। आठ करोड़ ऐसे थे, जिनके पास रसोई गैस नहीं थी, उनके पास इधन की सुविधा नहीं थी। इस कार्य को नरेन्द्र मोदी ने किया।
उन्होंने कहा कि यह गरीबों को दिया जाने वाला यह आरक्षण 25 जनवरी 2020 तक ही है। इस कारण नए वर्ष पर यह तोहफा पास होना जरूरी है, जिसके लिए विशेष सत्र बुलाया जाना जरूरी था। संविधान निर्माताओं ने जो इस विधायिका से देश की भावनाओं से किया था, वर्ष 2019 के अवसर पर मैं अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण को बढ़ाने के लिए समर्थन दे सके। देश का संविधान जब बन रहा था, उस समय इस बात पर चर्चा हुई थी कि देश धर्म के नाम पर किसी को आरक्षण नहीं देगा, लेकिन जिनकी आवाज को दबाया गया था, जिनकी भावनाओं को समाज से जुड़ने नहीं दिया गया था। उनके लिए संविधान निर्माताओं ने यह आरक्षण का प्राविधान किया था। इसे आगे बढ़ाया जा सके। इस कारण सब लोग इसका समर्थन दें।







