ब्लैक होल के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण से कुछ भी बच नहीं सकता!

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यह विज्ञान के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धि है कि तरक्की के विज्ञान ने ब्लैक होल तस्वीरें दुनिया का पटल पर रख दी जिसे देखकर दुनिया रोमांचित है। दरअसल, ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिचाव से बच नहीं सकता। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट नहीं करता।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2019: वैज्ञानिकों ने पहली बार बुधवार को ब्लैक होल की तस्वीर जारी कर दी।’ इवेंट होरिजन’ के जरिए तस्वीर जारी करते हुए गोथ यूनिवर्सिटी, फ्रैंकफर्ट के लूसियानो रिजोला ने कहा कि बेहद साधारण भाषा में कहा जाए तो ब्लैक होल यह ऐसा गड्ढा है। जिसे भरा नहीं जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो खगोलशास्त्र में शास्त्र में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ब्लैक होल की पहली तस्वीर जारी होना बड़ी घटना है, क्योंकि अब तक इस के आकार प्रकार के बारे में सिर्फ परिकल्पना ही की गई है। वैज्ञानिकों ने ब्रुसेल्स, शंघाई, टोक्यो, वाशिंगटन, सेंटियागो और ताइपे में एक साथ प्रेस वार्ता की और जिस दौरान इस तस्वीर को जारी किया गया इसके लिए दुनिया के 6 देशों हवाई एरीजोना स्पेन मैक्सिको, चिल्ली और दक्षिणी ध्रुव में इवेंट हॉरिजोन को लगाया गया था। इसका निर्माण खासतौर पर ब्लैक होल की तस्वीर लेने के लिए ही किया गया था।

फोटो: Laoy AL Nuwiser ट्विटर से साभार

यह होता है ब्लैक होल:

सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है। जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिंचाव से बच नहीं सकता। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अंदर आने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट यानी प्रतिबिंबित नहीं करता।

यह हो सकता है फायदा:

वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे मानवीय कल्पना को अपनी ओर खींचने वाले स्पेसटाइम फैब्रिक के रहस्य में विकृत क्षेत्र के आकार का खुलासा हो सकता है। इससे कई साइंस फिक्शन फिल्में बनाने की प्रेरणा मिल सकेंगी और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए शोध सामग्री भी उपलब्ध हो सकती है।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के खगोलविद् और ब्लैक होल के एक विशेषज्ञ पॉल मैक्नमारा ने कहा, पिछले 50 वर्ष से अधिक समय से वैज्ञानिकों ने देखा है कि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में कुछ बहुत चमकीला है।

उन्होंने बताया कि ब्लैक होल में इतना मजबूत गुरुत्वाकर्षण है कि तारे 20 वर्ष में इसकी परिक्रमा करते हैं। हमारी सौर पण्राली में आकाशगंगा की परिक्रमा में 23 करोड़ साल लगते हैं। सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार ब्लैक होल ऐसी खगोलीय वस्तु होती है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र इतना शक्तिशाली होता है कि प्रकाश सहित कुछ भी इसके खिचाव से बच नहीं सकता। इसे ब्लैक होल इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है और कुछ भी रिफ्लेक्ट नहीं करता।

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