मंत्री द्वारा प्रस्तावित सड़कों की पत्रावली दबाने पर पीडब्ल्यूडी का बाबू सस्पेंड

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मण्डलायुक्त ने पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत सड़कों के निर्माण की समीक्षा के दौरान की कार्रवाई

बलिया, 22 फरवरी 2020: प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ के गड्ढामुक्त सड़क अभियान को पलीता लगाने पर पीडब्ल्यूडी के एक बाबू को सस्पेंड कर दिया गया है। पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर सड़कों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मंत्री उपेंद्र तिवारी द्वारा जिले की पांच सड़कों के निर्माण से सम्बंधित पत्रावली लम्बित रखने पर सस्पेंड करने का यह निर्देश मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने शनिवार को दिया।

समीक्षा में पाया गया कि मंत्री उपेन्द्र तिवारी द्वारा बलिया में प्रस्तावित पांच सड़कों के निर्माण से सम्बन्धित पत्रावली अधिशासी अभियन्ता, लनिवि प्रान्तीय खण्ड में पटल सहायक द्वारा काफी दिनों से अकारण लम्बित रखी गयी है।
मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई और सम्बन्धित पटल सहायक को तत्काल निलम्बित कर अवगत कराने का निर्देश दिया। साथ ही अधीक्षण अभियन्ता को यह भी निर्देश दिया कि पूरे मामले की जांच करें और पत्रावली लम्बित रखने में जो भी संलिप्त मिले, उनसे जवाब मांग कर रिपोर्ट दें।

उन्होंने तीनों जनपद के अधीक्षण अभियन्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई गयी गड्ढामुक्त सड़कों की सूची में तीनों जनपद की कतिपय सड़कों को चिन्हित करते हुए ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग व जल निगम के अधिशासी अभियंता को मौके पर जाकर उसका सत्यापन कर एक सप्ताह के अन्दर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इन अभियन्ताओं को सचेत किया कि सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर अन्य अधिकारियों के माध्यम से उसकी क्रास चेकिंग कराई जायेगी। यदि सत्यापन रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो कठोर कार्यवाही होगी। समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा आज़मगढ़ में 55, मऊ में 55 व बलिया में 81 सड़कों को गुड्ढामुक्त करने की जानकारी दी गई।

दिसम्बर से ही दबाई थी फाइल:

समीक्षा के दौरान बताया गया कि बलिया में मन्त्री उपेन्द्र तिवारी द्वारा 5 सड़कों का प्रस्ताव 9 दिसम्बर को प्राप्त हुआ था, जिसे 10 दिसम्बर को ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग को प्रेषित कर दिया गया। ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग से स्टीमेट बनाकर 26 दिसम्बर को ही लोक निर्माण विभाग को प्रेषित कर दिया गया। तब से यह पत्रावली लोक निर्माण विभाग के प्रान्तीय खण्ड में पटल सहायक के स्तर पर लम्बित रही। मण्डलायुक्त ने जब पत्रावली लम्बित रखे जाने का कारण पूछा तो पटल सहायक ने चुप्पी साध ली। मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए पटल सहायक को कार्यों के प्रति घोर लापरवाही और अनियमितता का दोषी पाते हुए तत्काल निलम्बित करने का निर्देश दिया।

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