Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, June 10
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    उस घटना के बाद राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा को खत्म करने का प्रण लिया

    ShagunBy ShagunNovember 10, 2021 Featured No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 2,971

    सती प्रथा जैसी कुरीति को समाप्त करने में राजा राम मोहन राय की अहम भूमिका थी। अपने जीवन में एक घटना के बाद उन्होंने इस प्रथा को खत्म कराने की ठान ली और उनका प्रयास सफल रहा इस प्रथा के बारे में कुछ अनसुनी बातेंतत्कालीन ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा 4 दिसंबर, 1829 को बंगाल सती रेग्युलेशन पास किया गया था। इस कानून के माध्यम से पूरे ब्रिटिश भारत में सती प्रथा पर रोक लगा दी गई। रेग्युलेशन में सती प्रथा को इंसानी प्रकृति की भावनाओं के विरुद्ध बताया। राजा राम मोहन राय और वह घटना- राजा राम मोहन राय किसी काम से विदेश गए थे और इसी बीच उनके भाई की मौत हो गई। उनके भाई की मौत के बाद सती प्रथा के नाम पर उनकी भाभी को जिंदा जला दिया गया। इस घटना से वह काफी

    आहत हुए और ठान लिया कि जैसा उनकी भाभी के साथ हुआ. वैसा अब किसी और महिला के साथ नहीं होने देंगे। क्या थी सती प्रथा?- यह एक ऐसी प्रथा थी जिसमें पति की मौत होने पर पति की चिता के साथ ही उसकी विधवा को भी जला दिया जाता था। कई बार तो इसके लिए विधवा की रजामंदी होती थी तो कभी-कभी उनको ऐसा करने के लिए जबरन मजबूर किया जाता था। पति की चिता के साथ जलने वाली महिला को सती कहा जाता था जिसका मतलब होता है पवित्र महिला। मुगलों के शासनकाल में सबसे पहले हुमायूं ने इस प्रथा पर रोक के लिए कोशिश की। उसके बाद अकबर ने सती प्रथा पर रोक लगाने का आदेश दिया। चूंकि महिलाएं स्वेच्छा से भी ऐसा करती थीं, इसलिए उन्होंने यह भी आदेश दिया कि कोई भी महिला अपने मुख्य पुलिस अधिकारी से विशिष्ट अनुमति लिए बगैर ऐसा नहीं करती हैं।

    यूरोपीय औपनिवेशिक शासन में रोक- 18वीं सदी के अंत तक इस प्रथा को ऐसे कुछ इलाकों में बंद कर दिया गया जहां यूरोपीय औपनिवेशिक शासन था। पुर्तगालियों ने 1515 तक गोवा में इस प्रथा पर रोक लगा दी थी। डच और फ्रेंच ने इसे हुगली चुनचुरा और पुड्डुचेरी में बंद किया। 21वीं सदी में भी कुछ मामले21वीं सदी में भारत के कुछ ग्रामीण इलाकों में सती के मामले सामने

    आए। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, 1943 से 1987 तक भारत में सती के 30 मामले सामने आए। राजा कि उपाधि कैसे मिली- कम ही लोग जानते हैं कि राममोहन राजा शब्द के प्रचलित अर्थों में राजा नहीं थे। उनके नाम के साथ यह शब्द तब जुड़ा जब दिल्ली के तत्कालीन मुगल शासक बादशाह अकबर द्वितीय 1806-1837 ने उन्हें राजा की उपाधि दी। अकबर द्वितीय ने ही 1830 में उन्हें अपना दूत बनाकर इंग्लैंड भेजा। इसके पीछे उनका उद्देश्य इंग्लैंड को भारत में जनकल्याण के कार्यों के लिए राजी करना और जताना था कि बैंटिक के सती होने पर रोक संबंधी फैसले को सकारात्मक रूप में ग्रहण किया गया है। 1833 में 27 सिंतबर को इंग्लैंड के ब्रिस्टल में ही मेनेजाइटिस से पीड़ित होने के बाद राममोहन की मुत्यु हो गई। उनका वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    उनकी बाबत कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा है, राममोहन राय के युग में भारत में कालरात्रि-सी उतरी हुई थी। लोग भय व आतंक के साये में जी रहे थे। मनुष्य और मनुष्य के बीच भेदभाव बनाये रखने के लिए उन्हें अलग-अलग खानों में बांट दिया गया था। उस कालरात्रि में राममोहन ने अभय-मंत्र का उच्चारण किया और प्रतिबंधों को तोड़ फेंकने की कोशिश की। 22 मई. 1772 को हुगली के राधानगर गांव के एक बंगाली हिंदू परिवार में जन्में राममोहन के पिता रमाकांत राय वैष्णव थे तो उनकी माता तारिणी देवी शैव।

    आगे के जीवन में राममोहन क्या बनें, इसे लेकर उन दोनों में गहरे मतभेद थे। कहते हैं कि उपनिषदों के वेदांतदर्शन की शिक्षाओं व सिद्धांतों के गहरे तक प्रभावित राममोहन के मन में एक समय साधु बनने की इच्छा प्रबल हुई तो वह मां के प्रेम के कारण ही उसे पूरी करने की दिशा में प्रवृत्त नहीं हो पाए। यह बात और है कि उपनिषद व वेदांत के विशद अध्ययन का उनपर ऐसा प्रभाव पड़ा कि वे ही पूरे जीवन उनके चिंतन की दिशा तय करते रहे।

    Shagun

    Keep Reading

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    तपती रातें और झुलसाती गर्मी: स्वास्थ्य संकट की नई चेतावनी

    In Uttar Pradesh's Scorching Heat, AC Water Becomes a Boon! Instead of Discarding It, Here's How to Use It

    उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी में AC का पानी बना वरदान! फेंकने की बजाय ऐसे करें इस्तेमाल

    Sour Burps and Food Regurgitating into the Mouth—Is It Just Acidity, or Could It Lead to Cancer?

    खट्टी डकारें और मुंह में वापस आता खाना- क्या ये सिर्फ एसिडिटी है या कैंसर तक ले जा सकती है?

    The Himalayas Chose Her: The Russian Girl Who Never Returned

    हिमालय ने चुना: रूसी लड़की जो कभी लौटी ही नहीं

    तंबाकू की पत्तियाँ घोंसले में क्यों रखता है बाज पक्षी? प्रकृति का अनोखा इंसेक्टिसाइड!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    सिंगापुर के ‘गार्डन्स बाय द बे’ में फिर चला डिज्नी का जादू; नए किरदारों के साथ लौटा ‘डिज्नी गार्डन ऑफ वंडर’

    June 9, 2026
    Raja ka Aaina (The King's Mirror): The King's Mirror is no ordinary mirror.

    राजा का आईना : राजा का आईना कोई साधारण आईना होता नहीं

    June 9, 2026
    Health of 4 UP MPs deteriorates during Ladakh visit; Lalganj MP admitted to AIIMS; Afzal Ansari put on oxygen support.

    लद्दाख दौरे पर UP के 4 सांसदों की तबीयत बिगड़ी, लालगंज सांसद AIIMS में भर्ती; अफजाल अंसारी को लगी ऑक्सीजन

    June 8, 2026
    Iran fired 10 ballistic missiles at Israel; all destroyed. Trump’s stern message: "Make a deal now."

    ईरान ने इज़राइल पर दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, सभी नष्ट; ट्रंप का सख्त संदेश- “अब डील करो”

    June 8, 2026

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    June 8, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading