इंसानियत अभी जिंदा है

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azam husain

यह है हमारा आधुनिक व बदलता हुआ समाज। लोगों को अपनी जान की तो परवाह है पर दूसरों की नहीं। लखनऊ के डालीबाग मे बिजली का टूटा तार लटकता हुआ सभी ने देखा हटाने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं निभाई। कई वाहन इस टूटे तार से टकराये भी पर वाहन चालक गैर जिम्मेदार दिखे और रफ्तार से निकल गये। कहवात है कि दुनिया में अभी इंसानियत जिंदा है। इस बीच इंसानियत व नागरिक की जिम्मेदारी निभाने का जज्बा कुछ लोगों के दिल में जाग ही उठा। टूटे तार से बचाने के लिए सड़क पर ईट रखा गया ताकि दूर से वाहन चालक दे सके, पर रफ्तर के नशे में चूर लोगों को ईंट तक नहीं दिखी और कई वाहन ईंट लगे होने के बावजूद भी तार से टकरा गये। इसके बाद उन्हीं जिम्मेदार नागरिकों ने न सिर्फ उन लोगों ने तार को हटाया, बल्कि किसी बड़े हादसे को होने से भी बचाया। फोटो जर्नलिस्ट : आजम हुसैन