बारूद के ढेर पर राजधानी का अमेठिया सलेमपुर गांव, कभी विस्फोट हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है

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दर्जनों गोदामों एवं तहखानों में स्टाक किया जा रहा विस्फोटक पदार्थ, हादसा होने के बाद चेतता है प्रशासन

केशरी राव धारा सिंह यादव

लखनऊ। दीपावली का पर्व नजदीक आता देख कर राजधानी के काकोरी थाना क्षेत्र का अमेठिया सलेमपुर गांव बारूद के जखीरों एवं विस्फोटक पदार्थों से घिरता जा रहा है। यहां पर बने करीब 50 से अधिक गोदामों व तहखानों में प्रमाणित लाइसेंस धारक क्षमता से अधिक ऐसे विस्फोटक पदार्थ एकत्रित करके भण्डारण किया जा रहा है।जिससे आस पास रहने वाले ग्रामीण भयभीत है।कि अगर कहीं यहां पर कभी विस्फोट हुआ तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता है।इलाके में अमेठिया सलेमपुर के अलावा अन्धे की चौकी,सिकरौरी,दुबग्गा,महिपतमऊ, हरदोई रोड, कस्बा काकोरी,पारा,मोहनलालगंज,बन्थरा,मलिहाबाद,गोसार्इंगंज सहित लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में लाइसेंस की आड़ में बारूद का कारोबार आज कल जम कर चल रहा है।सूत्रों की माने तो अभी तक छानबीन व छमता की जानकारी लेने के लिए कोई जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ने मौके का मुवायना तक करने नही पहुंचा है।जबकि इनमें से कई गोदाम मिनी बस स्टैंड और निजी विद्यालयों के आस-पास स्थिति हैं।

हादसों के गोरख धन्धे से जिम्मेदारों को अनहोनी का इंतजार
अमेठिया सलेमपुर गांव के निवासियों के अंदर किसी हादसे की अनहोनी होने का डर चौबिसों घन्टें सताता रहता है। गांव के निवासी कल्लू जयसवाल,अरविन्द,मनोज कुमार,अजहर सिद्दीकी,मोहम्मद इसरार आदि का कहना है कि यहां पर विस्फोटक के लाइसेंस देकर प्रशासन ने गांव वासियों पर जुल्म ढाने का काम किया है।बाहर के लोग यहां आकर हम ग्रामीणों के गांव में बारूद की खेती कर रहे हैं।यदि ऐसे में कोई हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?अमेठिया सलेमपुर गांव में स्थित 50 से अधिक गोदामों की सुरक्षा के नाम पर तीन निजी चौकीदार हैं।अधिकांश गोदामों के चारों ओर कोई बाउंड्रीवाल भी नही हैं।शाम ढलते ही गोदामों के आस-पास अराजकतत्वों(शराबियों) का जमावड़ा लग जाता है।इससे स्पष्ट होता है कि किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है।हादसे का मुकाबला करने के लिए यहां पर कुछ गोदामों में एक कोने में खाली बाल्टियां,एक-दो फायर गैस के बंद पड़े सिलेण्डर व दिखाने के लिए पानी का जर्जर सूखा टैंक हैं। ग्रामीणों की माने तो गोदाम के अंदर चोरी से बनायी गयी (तहखाना) बेसमेन्ट बनाकर अवैध तरह से बारूद से निर्मित तैयार किया हुआ विस्फोटक माल रखा जाता है। इससे साफ है कि मानकों को नजर अंदाज करते हुए गोदामों को यहां पर स्थापित किया गया है।लाइसेंस की आंड़ में क्षमता से अधिक का माल भण्डारण करके रखा जा रहा है।यह भी बताया जाता है कि एक गोदाम का लाइसेंस बनवाकर लोग यहां पर अपने कई-कई गोदाम भी बना रखे हैं।

बारूद के धन्धे में बिचौलियों की भूमिका अहम
लाइसेंस की आंड़ में अवैध तरीके से विस्फोटक पटाखों और गोला बारूद का काम तेजी से चल रहा है। पटाखे और गोला बारूद के इस कारोबार में पुलिस से बचने के लिए लाइसेंस धारक छुप छुप कर अपना काम करते हैं।इस बारूद के कारोबार में बिचौलियों की भूमिका अहम मानी जा रही है।यह बिचौलिए अमेठिया सलेमपुर सहित अन्य स्थानों से तैयार माल को यहां से बाहर निकालने का काम करते है।यह तैयार माल को आस-पास के जिलों में सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाते हैं।कई बार इस अवैध कारोबार को पकड़े जाने पर कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर कागजी लिखा पढ़ी मजबूत कर ली गयी।

क्या कहते है अधिकारी:

…भण्डारण की मानक क्षमता से अधिक गोला व बारूद के पटाखे रखने वाले लाइसेंस धारकों के गोदामों की जाँच करायी जायेगी।अवैध कार्य मिलने पर लाइसेंस धारकों व गोदाम मालिकों के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।    …डॉ सतीश कुमार, एसपी ग्रामीण

…जल्द ही इसकी जांच करा कर गलत पाये जाने वालों पर गोदाम मालिक एवं लाइसेंस धारकों के विरूद्व कठोर कार्यवाही की जायेगी।सभी के लाइसेंसों की गहनता से पड़ताड़ की जायेगी।मानक के विपरीत किसी भी दसा में कोई भी लाइसेंस धारक भण्डारण नही कर सकता है।   …अमित कुमार ,उपजिलाधिकारी सदर