‘धम्म चक्र परिवर्तन दिवस’ सेमिनार को BBAU कुलपति ने किया रदद्, छात्रों में आक्रोश

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  • कार्यक्रम की मुख्य अथिति थी सांसद बहराइच सावित्री बाई फुले
  • छात्रो ने कुलपति रणवीर सिंह सोबती के इस कदम को बताया मनुवादी, कहा पहले भी किये कई कार्यक्रम रद्द
  • विवि प्रशासन ने कहा यूजीसी कमिटी के सदस्यों के आने की वजह से किया गया कार्यक्रम रदद्, छात्रों ने कहा सब बहानेबाजी

लखनऊ 13 अक्टूबर। BBAU विवि में कुलपति और छात्रों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे है आज ताज़ा मामला यह है कि BBAU विवि में बहुजन छात्रो का आक्रोश उस समय कुलपति के प्रति जगजाहिर हो गया जब कुलपति ने पूर्व से आयोजित ‘धम्म चक्र परिवर्तन दिवस’ सेमिनार को रदद् कर दिया। छात्रो का आरोप है कि विवि प्रशासन द्वारा 6 अक्तूबर को सभागार में कार्यक्रम करने की लिखित स्वीकृत/अनुमति मिलने के बाद कार्यक्रम रखा गया था इसके बावजूद इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले में विवि प्रशासन ने कहा यूजीसी कमिटी के सदस्यों के आने की वजह से किया गया कार्यक्रम रदद् किया गया। छात्रो ने कुलपति के इस कदम को बताया मनुवादी सोच बताया है।

विविद हो कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में सांसद बहराइच सावित्री बाई फुले जी को (सदस्य, एमएचआरडी एंव सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय) एंव सांसद मिश्रिख डॉ अंजू बाला जी (सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, बीबीएयू) को विशिष्ट अथिति के रूप में आमंत्रित कर दिया गया था। साथ-साथ विवि के गणमान्य प्रोफ़ेसर एंव छात्रो को भी सूचित कर दिया गया था। तत्तपश्चात छात्रो में रोष एंव निराशा का भाव जागृत हुई है। इसके पूर्व भी कई बार बहुजन छात्रो का मनोबल तोड़ने का कार्य सुनियोजित तरीके से किया गया है।

छात्रो का कहना है कि क्या हम बहुजन छात्र संविधान रचयिता डॉ बी आर अम्बेडकर के उस मानववादी ऐतिहासिक क्षण को याद करने के काबिल नही है। जब की हमारे देश के प्रधानमंत्री हर ऐतिहासिक मौके पर बाबा साहेब का नाम लेने से नही चूकते है। क्या यही सबका साथ सबका विकास है। हम उक्त अपमान/भेदभाव की सूचना मानव संसाधन विकास मंत्रालय ,सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय एंव राष्ट्रिय अनुसूचित जाति आयोग को लिखित शिकायत प्रेषित कर दी है ताकि भविष्य में ऐसे रचनात्मक क्रियाकलापो से वंचित न किया जा सके।

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