बसपा प्रमुख ने किया ट्वीट, आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस की साथ ही भाजपा को भी आरक्षण विरोधी बताया। उन्होंने भाजपा पर एससी, एसटी व ओबीसी के साथ उपेक्षित रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही इसे दुर्भायपूर्ण बताते हुए आरक्षण को नौवीं अनुसूची में लाकर उसे सुरक्षा कवच प्रदान करने की मांग की है।
रविवार को बसपा प्रमुख मायावती ने एक-एक कर तीन ट्वीट किया । उन्होंने लिखा “कांग्रेस के बाद अब बीजेपी व इनकी केन्द्र सरकार के अनवरत उपेक्षित रवैये के कारण यहाँ सदियों से पछाड़े गए एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के शोषितों-पीड़ितों को आरक्षण के माध्यम से देश की मुख्यधारा में लाने का सकारात्मक संवैधानिक प्रयास फेल हो रहा है, जो अति गंभीर व दुर्भाग्यपूर्ण है।”
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा केन्द्र के ऐसे गलत रवैये के कारण ही मा. कोर्ट ने सरकारी नौकरी व प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को जिस प्रकार से निष्क्रिय/निष्प्रभावी ही बना दिया है उससे पूरा समाज उद्वेलित व आक्रोशित है। देश में गरीबों, युवाओं, महिलाओं व अन्य उपेक्षितों के हकों पर लगातार घातक हमले हो रहे हैं।
तीसरे ट्वीट में उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग करते हुए लिखा कि वह आरक्षण की सकारात्मक व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में लाकर इसको सुरक्षा कवच तब तक प्रदान करे। जब तक उपेक्षा व तिरस्कार से पीड़ित करोड़ों लोग देश की मुख्यधारा में शामिल नहीं हो जाते हैं, जो आरक्षण की सही संवैधानिक मंशा है।







