Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 22
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    दो घूंट जिंदगी के…

    ShagunBy ShagunNovember 13, 2022 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 708

    समीना खान

    चाय से मोहब्बत का ये मामला है कि ज़ेहन में अकसर एक आवाज़ मध्यम सुरों में चलती रहती है-

    चाय बनाई जतन से, चरखा दिया जला…

    पता नहीं ये तलब की कौन सी ऊंचाई थी जो खीर चरखे में बदल गई। तलब और मोहब्बत में किस जज़्बे को ऊपर रखें ये भी नहीं पता। मगर इतना तय है कि चाय है, तो हम हैं।

    चाय से मेरी मोहब्बत को आप एकतरफ़ा कह सकते हैं। हमें बुरा नहीं लगेगा। इस एकतरफा मोहब्बत के बेशुमार किस्से मेरी यादों में बसे हैं। हमें कोई शिकायत ही नहीं कि बदले में चाय ने मेरे वास्ते क्या गुनगुनाया। हम तो बस इसपर खुश हैं कि इस चाय ने हमें बहुत कुछ दिया है। इससे रिश्ता कुछ यूं है कि जब कुछ समझ आया तो चाय पी और कुछ समझ से बाहर हुआ तो भी चाय ही पी। गोया हर अच्छे बुरे वक़्तों का साथी ही असल साथी होता है।

    एक ज़माने में चाय की पत्ती का डिब्बा खोला। नाक उसके करीब लेकर गए और बंद आंखों से उसे अपने वजूद में समा लिया। इस महक ने बहुत बार दुनिया के ग़मों से बेगाना किया है। आज भी ये दो घूंट ज़िन्दगी के, किसी भी काम को करने में बड़े मददगार होते हैं।

    जैसे राधा और मीरा कृष्ण के प्रेम में कृष्णमयी हो गई थीं और पारो को देवदासी नाम मिला, वैसे ही चाय से इस सूफियाना इश्क़ को हम चायराना का खिताब देना चाहते हैं।

    सुबह का जाग जाना सिर्फ उठ जाना नहीं होता। आंख और दिमाग़ के खुलने को जागना कहते हैं। ये फ़र्ज़ हमेशा चाय ने ही निभाया है। गोया जिसने आंख से दिमाग़ तक को चौकस कर दिया वही आपका बेहतरीन हमसफ़र है, रहनुमा है।

    इसमें कॉफी वाला भारीपन नहीं होता इसलिए ये और भी अज़ीज़ हो जाती है। चाय न होती तो रिश्तों का निभाना भी मसला होता। कितने ही ऐसे मेहमान हैं जो लंच डिनर तो दूर, बिना वाय वाली चाय से रिश्ते की डोर बंधे हैं।

    पहले चाय को लेकर एक्सपेरिमेंट पसंद नहीं आते थे। जबतक अपना दायरा छोटा था तो नुक्ताचीनी ज़्यादा थी। हर वक़्त की अलग चाय वाला नजरिया था। सर्दियों में अदरक वाली, कम दूध और कम मिठास वाली चाय के अलग वक़्त थे। दम वाली खास मौके पर और लिखने के वक़्त ब्लैक टी। वक़्त गुज़रा, दायरा बढ़ा और सारे मेनिफेस्टो ध्वस्त हो गए। हालात ने ज़िन्दगी के ऐसे पहाड़, पठार और नद्दी नालों से गुज़ारा कि अब ट्रक ड्राइवर वाली चाय भी अज़ीज़ है। शक्कर रोक के पत्ती ठोक के, वाली किस्म भी क़ुबूल है। अब चाय के मामले में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर लिया है। जैसी सबको मिलेगी उसी में हम भी खुश।

    बस गर्म चाय की इल्तिजा है। हां! ठंडी चाय और चाय पीकर रखा हुआ कप बर्दाश्त नहीं। …और ‘चाय वाला’ तो बिलकुल भी नहीं। न न। यहां सियासत के लिए कोई जगह नहीं। मगर चायवाली से हमदर्दी होती है। फिर सोचते हैं जो हुआ अच्छा ही हुआ। कहीं चायवाले को चायवाली से हमदर्दी होती तो न जाने कितने छोटू और छोटियां भी होते। अगर उनके जैसे होते तो तबाही का बहुत सामान भी होता। मगर इन बातों में पड़ना ही नहीं है। ज़ाइक़ा ख़राब होता है। वैसे सियासी महफ़िलों में होती होगी इसकी डिमांड मगर हमें जिस खूबी पर फख्र है वह है इसकी पहुंच। बल्लियों के सहारे कई मंज़िला इमारत बनाने वाले मज़दूर को भी चाय चाहिए और इस इमारत के मालिक को भी। ज़रूर इसकी रेंज देखकर ही चाय वाले के गेम प्लानर ने चुना होगा इसे।

    कड़कड़ाती सर्दी में चाय के लिए किसी बहाने की ज़रूरत नहीं होती और गर्मी में इस बहाने से पीते हैं कि जैसे लोहा लोहे को काटता है वैसे ही गर्म चाय गर्मी को। कम बजट में लोगों को जोड़ने की जो खूबी है इस चाय में उसके आगे इसके नुक़सान बौने नज़र आते हैं। बल्कि कितने लोग तो इलाज के तौर पर चाय का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सरकार से मेरी गुज़ारिश है कि इसकी पैदावार बढ़ाने के साथ जगह जगह टी हॉउस खोले जाएं। बल्कि हो सके तो दूध के एटीएम की तर्ज़ पर आल टाइम टी के बूथ लगाएं और इसके लिए सब्सिडी पर भी विचार करें।

    Shagun

    Keep Reading

    The battle between development and the environment in Uttarakhand.

    उत्तराखंड में विकास बनाम पर्यावरण की जंग

    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद अब अदालत में जंग, आदिवासी महिलाओं पर भी लाठी

    अब उच्चतम न्याय की आस में शिक्षा का एक मंदिर

    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    The spreading web of prostitution: Moral decay and social silence.

    वेश्यावृत्ति का फैलता जाल: नैतिक पतन और सामाजिक चुप्पी

    Ladakh's 'Rishi' on a hunger strike for India!

    भारत के लिए अनशन पर लद्दाख का ऋषि !

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Yogi Adityanath inaugurates UPSDMA's new high-tech headquarters.

    योगी आदित्यनाथ ने किया UPSDMA के नए हाईटेक मुख्यालय का उद्घाटन

    July 19, 2026
    The battle between development and the environment in Uttarakhand.

    उत्तराखंड में विकास बनाम पर्यावरण की जंग

    July 19, 2026
    Give up the insistence on a hunger strike; instead, wage a long-term struggle to change the system.

    सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद अब अदालत में जंग, आदिवासी महिलाओं पर भी लाठी

    July 19, 2026

    यूपी में मानसून का जोरदार हमला!

    July 19, 2026
    Safexpress sets up a logistics ‘Superhub’ in Rajpura.

    सेफएक्सप्रेस ने राजपुरा में लगाया लॉजिस्टिक्स का ‘सुपरहब’

    July 19, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading