आखिर कहां गुम हो रहे बच्चे?

71

पंकज चतुर्वेदी

भारत सरकार के राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो के आंकड़े गवाह हैं कि राजधानी दिल्ली से बीते चार सालों में बच्चों के गुम होने की 27,356 रिपोर्ट दर्ज की गई जिनमें से 19,565 बच्चों को ही तलाशा जा सका। लगभग आठ हजार बच्चों का कुछ पता नहीं चल पाया है। देश में हर साल औसतन 90,000 बच्चों के गुम होने की रिपोर्ट थानों तक पहुंचती हैं जिनमें से 30,000 से ज्यादा का पता नहीं लग पाता है। संसद में पेश आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2011 से 2014 के बीच सवा तीन लाख बच्चे लापता हो गए। भारत में करीब 900 संगठित गिरोह हैं जो बच्चे चुराने के काम में नियोजित रूप से सक्रिय हैं जिनके नेटवर्क में कई हजार लोग शामिल हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ सोशल वर्क के डॉ. केके मुखोपाध्याय के एक शोध-पत्र में लिखा है कि बाल वेश्यावृत्ति का असल कारण विकास से जुड़ा हुआ है और इसे अलग से आर्थिक या सामाजिक समस्या नहीं माना जा सकता। इस शोध में यह भी बात स्पष्ट हुई है कि छोटी उम्र में ही वेश्यावृत्ति के लिए बेची-खरीदी गई बच्चियों में से दो-तिहाई अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों या बेहद पिछड़ी जातियों से आती हैं। केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड ने कुछ साल पहले एक सर्वेक्षण करवाया था जिसमें बताया गया था कि देश में लगभग एक लाख वेश्याएं हैं जिनमें से 15 प्रतिशत 15 साल से भी कम उम्र की हैं। हालांकि गैर सरकारी संगठनों का दावा है कि ये आंकड़े हकीकत से कई गुणा कम हैं।

इस संदर्भ में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट बेहद डरावनी है जिसमें कहा गया है कि देश में हर साल दर्ज होने वाली 45 हजार से ज्यादा बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट में से तकरीबन 11 हजार बच्चों का कोई नामोनिशान तक नहीं मिल पाता है। इनमें से आधे जबरन देह व्यापार में धकेल दिए जाते हैं, शेष से बंधुआ मजदूरी कराई जाती है या फिर उन्हें भीख मांगने पर मजबूर किया जाता है। दो लाख बच्चे तस्करी कर विदेश भेजे जाते हैं जहां उनसे जानवरों की तरह काम लिया जाता है। मानवाधिकर आयोग और यूनिसेफ की एक रिपोर्ट को मानें तो गुम हुए बच्चों में से 20 फीसद बच्चे विरोध के कारण मार दिए जाते हैं। कुछ बच्चे अंग तस्करों के हाथों भी फंसते हैं। भारत में अक्सर गरीब, पिछड़े और अकाल ग्रस्त इलाकों में लड़कियों को उनके पालकों को लालच में फंसा कर शहरों में लाया जाता है और उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। कई बार शादी के झांसे में भी लड़कियों को फंसाया जाता है।

अभी एक साल पहले ही दिल्ली पुलिस ने राजधानी से लापता बच्च्यिों की तलाश में एक ऐसे गिरोह को पकड़ा था जो बहुत छोटी बच्चियों को उठाता था, फिर उन्हें राजस्थान की पारंपरिक वेश्यावृत्ति के लिए बदनाम एक जाति को बेचा जाता था। फिर दलाल लोग ही बच्चियों के परिवारजन बन कर उन्हें महिला सुधार गृह से छुड़वाते हैं और सुदूर किसी मंडी में फिर उन्हें बेच देते हैं।

इस बात को लेकर सरकार बहुत कम गंभीर है कि भारत, बांग्लादेश, नेपाल जैसे पड़ोसी देशों की गरीब बच्चियों की तिजारत का अतंरराष्ट्रीय बाजार बन गया है। जघन्य तरीके से पेट पालने वाले हर बच्चे के जीवन का अतीत बेहद दर्दनाक होता है। भले ही मुफलिसी को बाल वेश्यावृत्ति के लिए प्रमुख कारण माना जाए, लेकिन इसके और भी कई कारण हैं जो समाज में मौजूद विकृत मन और मस्तिष्क के साक्षी हैं। एक तो एड्स के भूत ने यौनाचारियों को भयभीत कर रखा है लिहाजा वे इसकी आशंका से बचने के लिए छोटी बच्चियों की मांग ज्यादा करते हैं। इसके अलावा देश में कई सौ लोग इन मासूमों का इस्तेमाल पोर्न वीडियो व फिल्में बनाने में कर रहे हैं। अरब देशों में भारत की गरीब मुस्लिम लड़कियों को बाकायदा निकाह करवा कर सप्लाई किया जाता है। यह बात समय-समय पर सामने आती रहती है कि गोवा, पुष्कर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बच्चियों की खपत के बड़े केंद्र हैं।

कहने को सरकारी रिकार्ड में कई बड़े दावे व नारे हैं- जैसे वर्ष 1974 में संसद ने बच्चों के संदर्भ में एक राष्ट्रीय नीति पर मुहर लगाई थी जिसमें बच्चों को देश की अमूल्य धरोहर घोषित किया गया था। भारतीय दंड संहिता की धारा 372 में नाबालिग बच्चों की खरीद-फरोख्त करने पर 10 साल तक सजा का प्रवधान है। असल में इस धारा में अपराध को सिद्ध करना बेहद कठिन है, क्योंकि अभी हमारा समाज बाल-वेश्यावृत्ति जैसे कलंक से निकली किसी भी बच्ची के पुनर्वास के लिए सहजता से राजी नहीं है। एक बार जबरिया ही सही इस फिसलन में जाने के बाद खुद परिवार वाले बच्ची को अपनाने को तैयार नहीं होते, ऐसे में भुक्तभोगी से किसी के खिलाफ गवाही की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

दुनिया के 174 देशों जिसमें भारत भी शामिल है, के संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते की धारा 34 में उल्लेख है कि बच्चों को सभी प्रकार के यौन उत्पीड़न से बचाने की जिम्मेदारी सरकार पर है। कहने की जरूरत नहीं है कि यह बात किताबों से आगे नहीं है। कहने को तो देश का संविधान बिना किसी भेदभाव के बच्चों की देखभाल, विकास और अब तो शिक्षा की भी गारंटी देता है, लेकिन इसे नारे से आगे बढ़ाने के लिए न तो इच्छाशक्ति है और न ही धन, जबकि गरीबी, बेराजगारी, पलायन, सामाजिक कुरीतियों, रूढ़िवादी लोगों के लिए बच्चियों को देह व्यापार के धंधे में धकेलने के लिए उनका आर्थिक और आपराधिक तंत्र बेहद ताकतवर है।

आज बच्चों, खासकर बालिकाओं को केवल जीवित रखना ही नहीं, बल्कि उन्हें इस तरह की त्रसदियों से बचाना भी जरूरी है और इसके लिए सरकार की सक्रियता, समाज की जागरूकता और पारंपरिक लोक की सोच में बदलाव जरूरी है।

71 COMMENTS

  1. Incredible! This blog looks just like my old one! It’s on a entirely different subject but it has pretty much the same page layout and design. Outstanding choice of
    colors!

  2. This lens looks on the reasons purple could be a major problem and
    what you are able to do about it, after which takes a look at the perfect purple
    flower choices and how finest to make use of them.

  3. I got this web page from my friend who informed me on the topic of this site and at the
    moment this time I am browsing this website and reading very informative articles at
    this time.

  4. Hi, I think your site might be having browser compatibility issues.
    When I look at your website in Chrome, it looks fine but when opening in Internet Explorer,
    it has some overlapping. I just wanted to give you
    a quick heads up! Other then that, excellent blog!

  5. My programmer is trying to persuade me to move to .net from PHP.
    I have always disliked the idea because of the costs.
    But he’s tryiong none the less. I’ve been using Movable-type on a number
    of websites for about a year and am worried about switching to another platform.

    I have heard good things about blogengine.net.
    Is there a way I can import all my wordpress posts into it?
    Any help would be greatly appreciated!

  6. Just wish to say your article is as astounding. The clarity to your post is just cool and i could
    suppose you are knowledgeable on this subject.
    Well with your permission allow me to clutch your feed to keep up to date with approaching post.
    Thank you a million and please carry on the enjoyable work.

  7. I’m not sure where you’re getting your info, but good topic.
    I needs to spend some time learning more or understanding more.
    Thanks for wonderful information I was looking for this info for my
    mission.

  8. This is very interesting, You are a very skilled blogger.

    I have joined your feed and look forward to seeking more of your excellent post.
    Also, I have shared your website in my social networks!

  9. Hi there, just became alert to your blog through Google, and found that it’s really informative.
    I am going to watch out for brussels. I?ll appreciate if
    you continue this in future. Numerous people will be benefited from your
    writing. Cheers!

  10. I think this is among the most significant info for me.
    And i’m glad reading your article. But wanna remark on some general things, The web
    site style is ideal, the articles is really nice : D. Good job, cheers

  11. I’m not sure where you are getting your information, but great topic.

    I needs to spend some time learning more or understanding more.

    Thanks for fantastic information I was looking for this information for my mission.

  12. I was curious if you happen to considered changing the design off the
    site? Its realky well written; I adore what you’ve
    got to be able to say. But maybe a person could a littl extra whyen it comes to content
    so men and women could connect with this better. You have an dreadful lot off
    text with regard to only having one or even 2
    pictures. You may can space it out much better?

    Here is my web site …klik disini; Fabian,

  13. Thanks for any other excellent article. The place else may
    anybody get that type of information in such an ideal manner
    of writing? I’ve a presentation next week, and I’m at the look for such info.

  14. It’s appropriate time to make some plans for the future and it
    is time to be happy. I’ve read this post and if I
    could I wish to suggest you few interesting things or tips.
    Maybe you could write next articles referring to this article.
    I wish to read more things about it!

  15. Right here is the right web site for everyone who really wants to understand
    this topic. You realize a whole lot its almost hard to argue
    with you (not that I personally will need to…HaHa).
    You definitely put a new spin on a topic that’s been discussed for many years.
    Excellent stuff, just wonderful!

  16. Right here is the perfect web site for anyone who
    wants to understand this topic. You realize a whole lot its almost tough to argue with you
    (not that I personally would want to…HaHa). You definitely put a fresh spin on a subject
    that has been discussed for many years. Wonderful stuff, just wonderful!

  17. I know this if off topic but I’m looking into starting my own weblog
    and was curious what all is needed to get setup? I’m assuming
    having a blog like yours would cost a pretty penny?
    I’m not very internet smart so I’m not 100% certain. Any recommendations or advice would
    be greatly appreciated. Many thanks

  18. Woah! I’m really enjoying the template/theme of this blog.
    It’s simple, yet effective. A lot of times it’s difficult to get that “perfect balance” between usability and
    visual appearance. I must say you have done a very good job with this.

    Also, the blog loads super quick for me on Chrome. Exceptional Blog!

  19. It is perfect time to make some plans for
    the future and it’s time to be happy. I have read
    this post and if I could I wish to suggest you few interesting
    things or advice. Maybe you could write next articles referring to this article.
    I desire to read more things about it!

  20. Thanks for some other magnificent article. Where else may anyone get that kind of information in such an ideal
    means of writing? I have a presentation subsequent week, and I am
    at the look for such information.

  21. We wish to thank you once more for the beautiful ideas you
    gave Janet when preparing a post-graduate research in addition to, most importantly, for
    providing all the ideas in one blog post. Provided that we had known of your website a year ago, we may have been kept from the unnecessary measures we were choosing.

    Thanks to you.

  22. Hi there, just became aware of your blog through Google, and found that it’s truly informative.
    I am gonna watch out for brussels. I will appreciate if you
    continue this in future. Numerous people will be benefited from your writing.
    Cheers!

  23. Does your site have a contact page? I’m having a tough time locating it but, I’d
    like to shoot you an e-mail. I’ve got some ideas for your blog you might be
    interested in hearing. Either way, great website and I look forward
    to seeing it develop over time.

  24. The other day, while I was at work, my cousin stole my iPad and
    tested to see if it can survive a forty foot drop, just so she can be a
    youtube sensation. My apple ipad is now broken and she has 83 views.
    I know this is totally off topic but I had to share it with someone!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here