व्यंग : सफलता का शार्टकट

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अंशुमाली रस्तोगी चिकोटी

सफलता का ‘शार्ट कट’ होता है। लेकिन जो यह कहते हैं कि सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता, वे दरअसल बेवकूफ हैं। शार्ट कट के साथ सफलता पाना उतना ही आसान है, जितना लेखन में पुरस्कार पाना। शार्ट कट के लिए भी मेहनत करनी पड़ती है। बिना मेहनत करे तो आजकल बाप भी अपने बेटों को जायदाद में हिस्सा नहीं देता।

मेरे दिल में उन लोगों के प्रति विशेष जगह है, जो शार्ट कट के रास्ते चलकर बड़े या महान बने हैं। मैं खुद शार्ट कट के दम पर लेखक बना हूं। बता दूं, लेखक बनने में न मैंने बहुत अधिक पापड़ बेले न बड़े लेखकों की चिरौरी ही की। लिखते-लिखते लेखक बन गया। मैंने किताबें लिखने या प्रकाशकों के दर पर नाक रगड़ने में कतई समय बर्बाद नहीं किया। जब और जहां भी लिखा स्वतंत्रता के साथ लिखा।

पुरस्कार पाने की दौड़ में कभी शामिल नहीं हुआ। खुद मुंह से नहीं मांगा लेकिन किसी ने दिया तो इंकार भी नहीं किया। घर आई लक्ष्मी को ठुकराना मूर्खता है। जुगाड़ से पाए गए पुरस्कार में वो आनंद नहीं, जो घर बैठे पाने में है। शार्ट कट से क्या नहीं मिल सकता।

मुझे उन लोगों पर दया आती है, जो सफलता पाने के लिए क्या-क्या नहीं करते। दर्द सहते हैं। ताने सुनते हैं। शरीर को कष्ट देते हैं। आधी से अधिक जिंदगी संघर्ष में ही गुजार देते हैं। ऐसी सफलता के भी भला क्या मायने? सफलता पाने का वो रास्ता अपनाएं जो छोटा मगर आसान हो। छोटे रास्तों पर चलने में जो सुख है, वो बड़े रास्तों पर चलने में नहीं। कभी-कभी बड़े रास्ते कुएं में भी धकेल देते हैं। शार्ट कट के लिए दिमाग और आंखें खुली रखिए, फिर देखिए सफलता कहीं नहीं गई है। मैं तो कहता हूं, उन मोटिवेशनल लोगों की बात मानिए ही मत, जो सफलता का कोई शार्ट कट न होने की बात कहते हैं। सफलता के इतने-इतने शार्ट कट हैं कि उन पर चलने में ही पूरी जिंदगी फना हो जाए।

डिजिटल जमाने में सफलता चुटकियों पर नाचती मिलती है। आजकल सारा ज्ञान किताबों से नहीं व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से हासिल व डाउनलोड किया जा रहा है। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के मैं ऐसे कई छात्रों को जानता हूं, जो शार्ट कट से पाई सफलता का भरपूर आनंद ले रहे हैं। उनके जैसा ज्ञानी पूरे संसार में ढूंढे नहीं मिलेगा। वे सफलता का हर ‘टूलकिट’ जानते व पहचानते हैं।

ऐसे ज्ञानियों की संगत कीजिए जहां ज्ञान की धारा चौबीस घंटे बहती रहती है। उनको देखकर यह कहने का मन होता है कि सफलता का वाकई शार्ट कट होता है।

अधिक मेहनत करने में कुछ न धरा है। बेवजह वक़्त की बरबादी होती है। कर्म ऐसे कीजिए जहां शार्ट कट शिखर पर ले जाए। लोग शेयर बाजार में पैसा इसीलिए तो लगाते हैं ताकि रातों-रात अमीर बन सकें। कुछ बनते भी हैं तो कुछ तबाह भी हो जाते हैं। सब किस्मत और शार्ट कट की माया का खेल है पियारे।

मेरी मानिए, लाइफ को ईजी करने पर फोकस कीजिए, कठिन बनाने पर नहीं। जहां-जिधर शार्ट कट नजर आए बस घुस जाइए। सफलता निश्चित ही मिलेगी। शार्ट कट से हासिल की गई सफलता रात में सुकून की नींद देती है। समझे न।

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