उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सेवा का विस्तार हुआ है। योगी आदित्यनाथ सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है। लखनऊ में मेदांता अस्पताल के उद्घाटन पर योगी आदित्यनाथ ने इन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार पांच सौ करोड़ रुपए के निवेश से इस संस्थान में लगभग छह हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। सुपर स्पेशियलिटी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की चुनौती को मेदांता ने स्वीकार किया है। दो हजार सोलह तक प्रदेश में मात्र मात्र बारह मेडिकल काॅलेज थे।

वर्तमान में पन्द्रह नए मेडिकल काॅलेज का निर्माण हो रहा है। जिसमें से सात में एमबीबीएस के छात्र छात्राओं को प्रवेश भी मिल चुका है। आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश में छह करोड़ निर्धन लोगों को लाभान्वित करते हुए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इस योजना में छूटे हुए छप्पन लाख लोगों को राज्य सरकार द्वारा लाभान्वित किया जा रहा है।
लखनऊ में एसजीपीजीआई, डाॅ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, केजीएमयू जैसे चिकित्सीय संस्थान मौजूद हैं। मेदांता लखनऊ के संचालन से चिकित्सा क्षेत्र में जनसंख्या के बढ़ते दबाव को कम किया जा सकेगा।
- डॉ दिलीप अग्निहोत्री







