15वें राष्ट्रीय पुस्तक मेला का समापन: आज होगा प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

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किताबों के बीच और भी बहुत कुछ 

 लखनऊ, 16 सितम्बर। हरदोई के शिक्षक लवकुश गुप्ता ने कहा- पुस्तक मेला लोगों को पढ़कर किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। हारुन रिजवी ने कहना था- ऐसे आयोजन शहर में बराबर होते रहने चाहिए ताकि नई और युवा पीढ़ी का लगाव अपनी संस्कृति और पुस्तकों के प्रति बनी रहे। युवा अर्पिता का मानना था कि मेले में आकर बहुत कुछ नया देखने और सीखने को मिलता है।
ये विचार यहां मोतीमहल वाटिका लाॅन राणा प्रताप मार्ग में पन्द्रहवां राष्ट्रीय पुस्तक मेले में आने वाले कुछ पुस्तकप्रेमियों के हैं। आज शनिवार के दिन मेले में पुस्तक प्रेमियों की उमड़ी भारी भीड़ की बदौलत खूब रौनक रही। पुस्तक मेले का कल आखिरी दिन होगा। समापन कल शाम पांच बजे विधानसभाध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित करेंगे। कल ही विजयी प्रतियोगियों को सम्मानित किया जायेगा।
अपने अंतिम दौर में पहुंच चुके इस पुस्तक मेले में विविध विषयों की किताबें तो हैं ही। यहां इससे अलग भी बहुत कुछ है। सांस्कृतिक मंच के करीब खूबसूरत पौधों का स्टाल है। मेले के हर कार्यक्रम में भी संयोजक पर्यावरण जागरूकता का संदेश देते हुए अतिथियों को फूलों की जगह पौधे भेंट कर रहे हैं। मेले में कोलकाता से आए जूट के बैग बहुत पंसद किए जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं के समूह द्वारा तैयार बैग-बटुए के एक और स्टाल बैगवती में भी बहुत सी आकर्षक डिजाइनें हैं। स्कूलों, अध्यापकों और शिक्षकों के काम के उपकरण, चार्ट, स्टेशनरी व अन्य उपयोगी सामग्री भी पसंद की जा रही है। साथ ही कई तरह के व्यंजनों का लुत्फ भी मेले में लिया जा सकता है।
बच्चों ने आज मेले में चली गतिविधियों में खूब रुचि ली। ज्योति किरन रतन के संयोजन मे बाल व युवा मंच पर चली प्रतियोगिताओं में राधा सिंह, प्रियज मिश्र, उमेश, ऐश्वर्य, रिद्धिमा, वत्सला, स्वतंत्र ंिसंह, शुभम पाण्डेय, विहान राही, ऐश्वर्य गुप्ता आदि अनेक बच्चों ने प्रतिभा दिखाई। दिव्यांश पब्लिकेशंस के संयोजन में डा.योगेश प्रवीन की किताब पराया चांद और निलेश शर्मा के उपन्यास मिस्टर इरिटेटिंग का विमोचन कनक रेखा चैहान, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्रा, कवि तरुण प्रकाश, डा. अमिता दुबे, प्रो.कमला श्रीवास्तव, इत्यादि अतिथियों ने दोनों लेखकों की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर केवलकुमार के संगीत में मुख्य रूप से गीतकार उदयभान पाण्डेय के गीतों पर आधारित संगीता श्रीवास्तव के गाए गीतों की सीडी जग के रखवाले को भी लोकार्पित किया गया। संगीता ने कुछ गीतों के मुखड़े भी सुनाए। इससे पहले सुबह कार्यक्रमों का आगाज सुंदरम् संस्था की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में विविध रचनाओं से हुआ। विजयश्री फाउण्डेशन के समाजसेवी विशाल सिंह को उनकी उत्कृष्ट समाजसेवी के लिए मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल व आस्था ढल ने अतिथियों की उपस्थिति में अंगवस्त्र व स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया। माध्यम के अनूप श्रीवास्तव के संयोजन में चले व्यंग्य पाठ समारोह में राजीव मित्तल की पुस्तक कबीरा का विमोचन आकाशवाणी के निदेशक पृथ्वीराज चैहान, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष राय की अध्यक्षता और यहां व्यंग्य पाठ के लिए आलोक शुक्ल, मुकुल महान, अमित अनपढ़ की उपस्थिति में हुआ। वारियर अकादमी की कार्यशाला में युवाओं ने लोगों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। अंत में दि हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट की ओर से हुए अध्यात्मिक कार्यक्रम में जीवन को मधुर बनाने का संदेश दिया गया।

पुस्तक मेले में आज 17 सितम्बर 2017 

पूर्वाह्न 11.00 बजे – लोकार्पण- मो.मूसा खान अशांत बाराबंकी की पुस्तक मर गई संवेदना
अपराह्न 1.00 बजे- बाल एवं युवा मंच पर नृत्य गायन का विविध प्रदर्शन
अपराह्न 2.30 बजे – लोकार्पण- कादम्बिनी क्लब इंदिरानगर की स्मारिका विद्योत्तमा
अपराह्न 3.30 बजे – बाल कवि सम्मेलन संयोजन-शीला पाण्डेय
शाम 5.30 बजे- समापन समारोह
शाम 7.30 बजे- मुशायरा- नई कलम से

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