वाराणसी व लखनऊ में चलेगा पायलट प्रोजेक्ट
लखनऊ, 27 अगस्त 2021: अब प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चे डिजिटल ढंग से पढ़ाई करेंगे। उनकी देखभाल भी सिस्टमेटिक डिजीटल ही होगी। पूरा डाटा फीड किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की प्रगति रिपोर्ट के हिसाब से एक-एक बच्चे पर ध्यान दिया जाएगा। उस हिसाब से उसके स्वास्थ्य व शिक्षा पर जोर देकर उसको भारत का चमकता भविष्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।
इसकी तैयारी प्रदेश सरकार ने कर ली है। इसके लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा पुष्टाहार विभाग मंत्रालय ने लखनऊ व वाराणसी के तीन-तीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को पायलट प्रोजक्ट के लिए हैसेलफ्रे फाउंडेशन को चयनित किया है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यह योजना पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। यह आरम्भिक शिशु देखभाल एवं डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम आंगनवाड़ी द्वारा कराये गए बच्चों के गतिविधियों पर नज़र रखते हुए परिणामों को दर्शाएगा। उस हिसाब से बच्चों को प्रोत्साहित व अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। शनिवार को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह इसकी शुरूआत लखनऊ से करेंगी।

इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को दैनिक नित्य क्रिया के बारे में जागरूक एव प्रोत्साहित करना, बच्चों को सुलभ खान पान तथा साफ सुथरा रहने हेतु प्रेरित करना, बच्चों का स्वस्थ परीक्षण सम्बंधित जानकरी लेना (जैसे- टीकाकरण, लम्बाई, वजन, याददास्त, मानसिक और संवेदनात्मक विकास, दृष्टि इत्यादि) एवं उनके माता पिता और सम्बंधित अधिकारियों को उपलध करना, बच्चों को डिज़िटल माध्यम से हिंदी , इंग्लिश, गणित , विज्ञानं , सामाजिक विषय, कंप्यूटर इत्यादि को रोचक तरीके से शिक्षा प्रदान करना आदि है।
हैसेलफ़्रे फाउंडेशन एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट है जो बर्ष 2011 से बच्चों के विकास हेतु विभिन्न परियोजनो के माध्यम से भारत के कई राज्यों में काम कर रहा है, संस्था द्वारा विगत बर्षों में 19 राज्यों में लगभग 9100 स्कूलों में भारत सरकार के विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित परियोजना को चलाया जा चुका है। इस परियोजना का उद्देश्य बच्चों को तकनीकी में हो रहे नवाचारों जैसे -अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ब्लॉक चैन इत्यादि के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान करना था।
वर्तमान में संस्था को महिला कल्याण एवं बालविकास सेवा पुष्टाहार विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश के 2 जिलों (बाराणसी तथा लखनऊ ) के चयनित 3 -3 आंगनवाणी केन्द्रो में बच्चों के लिए बाल विकास ( आरम्भिक शिशु देखभाल एवं डिजिटल लर्निंग ) परियोजना को पायलट के रूप चलाने हेतु अनुमति प्रदान की गयी है। संस्था का लक्ष्य है क़ि यदि ग्रामीण / शहरी बच्चों को आरम्भिक काल से ही उनके स्वस्थ्य का समुचित देखभाल एवं बेहतर शिक्षा दी जाय तो उनका भविष्य उज्जल व खुशहाल बनाया जा सकता है।






