Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, November 1
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इतिहास के आईने से

    मोरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोय

    jetendra GuptaBy jetendra GuptaAugust 10, 2020Updated:December 11, 2024 इतिहास के आईने से No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 2,158

    मृत्युंजय दीक्षित

    मोरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोय जैसे भजनों से कृष्णभक्तों को सराबोर कर देने वाली महान कवयित्री व कृष्णभक्त मीराबाई का जन्म राजस्थान में संवत् 1504 अर्थात 23 मार्च 1498 को को जोधपुर के कुरकी गांव में राव रतनसिंह के घर हुआ था। हिंदी में रसपूर्ण भजनों को जन्म देने का श्रेय मीरा को ही है।

    मीरा बचपन से ही कृष्ण की दीवानी हो गयी थीं। जब मीरा तीन वर्ष की थीं तब उनके पिता का और दस वर्ष का होने पर माता का देहावसान हो गया। यह उनके जीवन के लिए बहुत बड़ा सदमा था। कहा जाता है कि जब वे बहुत छोटी सी थीं तब उन्होनें एक विवाह समारोह के दौरान अपनी मां से प्रश्न किया कि मेरा पति कौन है तब उनकी मां ने कृष्ण की प्रतिमा के सामने इशारा करके कहा कि यही तुम्हारे पति हैे। मीरा ने इसे ही सच मानकर श्रीकृष्ण को अपने मन मंदिर में बैठा लिया। माता- पिता केे देहावसान के बाद मीरा अपने दादा राव दूदाजी के पास रहने लगी थीं। कुछ समय बाद उनके दादा जी का स्वर्गवास हो गया। अब राव वीरामदेव गदी पर बैठे।

    उन्होनें मीरा का विवाह चित्तौड़ के प्रतापी राणा सांगा के पुत्र भोजराज के साथ कर दिया। वह ससुराल मे भी अपने इष्टदेव कृष्ण की मूर्ति ले जाना नहीं भूली। मीरा व भेाजराज का वैवाहिक जीवन सुखपूर्वक व्यतीत हो रहा था। लेकिन तभी उनके जीवन में एक वज्रपात होना शेष था। दस वर्ष में ही मीरा के पति चल बसे। पति के स्वर्गवास के बाद मीरा पूरी तरह से कृष्णभक्ति में लीन हो गयीं।

    Related imageमीरा की कृष्णभक्ति की चर्चा सर्वत्र फैल चुकी थी। मीरा कृष्ण मंदिरों में भक्तों के सामने सुधबुध खोकर नाचने लगती थीं। उनकी इस प्रकार की भक्ति से ससुराल वाले नाराज रहने लगे। कई बार उन्होनें मीरा को विष देकर जान से मारने की कोशिश की। लेकिन वे टस से मस नहीं हुई और अंततः परिवार के सदस्यों से व्यथित होकर वृंदावन – मथुरा चली गयीं। वह जहां भी जाती थीं उन्हें लोगों का प्यार सम्मान मिलता था ।

    मीरा की रचनाओं को चार ग्रंथों नरसी का माजरा, गीतगोविंद की टीका, राग गोविंद के पद के अलावा मीराबाई की पदावली, राग सोरठा नामक ग्रंथों में संचयित किया गया है। मीरा की भक्ति में माधुर्य भाव काफी है। मीरा ने अपने बहुत से पदों की रचना राजस्थानी मिश्रित भाषा में की है। मीरा की भक्ति व लोकप्रियता दिनोदिन बढ़ती जा रही थी लेकिन साथ ही उनके चित्तौड़ पर विपत्तियों का ढेर लग गया।

    राणा के हाथ से राजपाट निकल चुका था। एक युद्ध में उनकी मृत्यु हो गयी। यह देखकर मेवाड़ के लोग उन्हें वापस लाने के लिये द्वारका गये। मीरा आना तो नहीं चाहतीं थीं लेकिन जनता का अनुरोध वे टाल नहीं सकीं। वे विदा लेने के लिए रणछोर मंदिर गयीं लेकिन भक्ति में इतनी तल्लीन हो गयीं कि वहीं उनका शरीर छूट गया। इस प्रकार 1573 ई में द्वारका में ही कृष्ण की दीवानी मीरा ने अपनी जीवनलीला को विराम दिया।

    jetendra Gupta
    • Website

    Keep Reading

    जब एकादशी का पुण्य जुड़ता है पितरों के कल्याण से: 6 अक्टूबर को इन्दिरा एकादशी

    Pitru Paksha 2026: Shraddh rituals to begin on September 26; Sarvapitra Amavasya on October 10.

    पितृ पक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरू होगी श्राद्ध परंपरा, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या

    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    वामन द्वादशी आज: भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा, पूजा-विधि और महत्त्व

    Lucknow Ganesh Visarjan

    ढोल-नगाड़ों के बीच निकली गणपति विसर्जन शोभायात्रा, उमड़े श्रद्धालु

    The supreme Parivartini Ekadashi, which bestows merit, heaven, and liberation, and destroys sins.

    पुण्य, स्वर्ग और मोक्ष को देने वाली व पापों का नाश करने वाली उत्तम परिवर्तिनी एकादशी

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    New momentum for Mau’s development: A gift of projects worth ₹48 crore

    मऊ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, 48 करोड़ की योजनाओं की सौगात

    October 31, 2026

    गजब हो गया : दूसरों का भविष्य बताने वाले ज्योतिषाचार्य की पत्नी चुनाव हारीं, 300 वोट भी नहीं मिले!

    October 29, 2026
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading