चीन ने भारत को फिर डोकलाम सीमा विवाद पर धमकाया, …तो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने कहा अपनी हद मे रहे चीन

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चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि सीमा पर तनाव बढ़ा तो भारत को दोनों देशों के बीच समूची वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर इसके लिए दुष्परिणाम के लिए तैयार रहना चाहिए। भारत के साथ डोकलाम में जारी सीमा विवाद के बीच चीन को अपने इमेज की भी चिंता सता रही है। इस बीच अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने भी दक्षिण चीन सागर में चीन के अडियल रवैये को लेकर राजनीतिक और सैन्य महत्वकांक्षाओं को लेकर चेताया है.
चीन सरकार द्वारा नियंत्रित ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा है कि अगर भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कई जगहों पर तनाव बढ़ाएगा तो उसे इसके दुष्परिणाम के लिए तैयार रहना चाहिए। ग्लोबाल टाइम्स ने लिखा है, “अगर भारत कई जगहों पर संघर्ष को बढ़ाएगा तो उसे समूची वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उसे चीन से संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।”

ताजा विवाद भूटान के इलाके में चीन द्वारा सड़क बनाने को लेकर शुरू हुआ है। भूटान के डोकलाम को चीन अपना डोंगलॉन्ग बताकर वहां भारी सैन्य वाहनों के आवागमन योग्य सड़क बनाना चाहता है। भूटान और भारत ने इसका विरोध किया। भारतीय सैनिकों ने मानव-दीवार बनाकर चीनी सैनिकों को सड़क निर्माण से रोक दिया तो चीनी भड़क उठे। चीन चाहता है कि भारत अपने सैनिक पीछे हटा ले लेकिन साथ ही उसे ये चिंता भी सचा रही है कि उसकी इमेज एक छोटे देश (भूटान) की जमीन पर जबरी कब्जा करने वाले ड्रैगन की बन रही है। इसीलिए चीनी मीडिया और चीन सरकार ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत जबरदस्ती उस इलाके में घुस गया है और पूरे विवाद के लिए भारत जिम्मेदार है।
इस बीच अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने चीन को कहा है भारत एक मजबूत शक्ति है. यदि चीन उससे युद्ध करता है तो हम भारत का सहयोग करेंगे।

अमेरिकी वायुसेना के जनरल पॉल सेल्वा ने कहा कि चीनी सेना का आधुनिकीकरण एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तकीनीकी बढ़त के लिए चुनौती बन सकता है. सेल्वा ने साथ ही कहा, ‘चीनियों ने अपने क्षेत्रिय राजनीतिक लक्ष्यों को बढ़ाने के मकसद से अपने आर्थिक लाभ का दोहन की तत्परता दिखाई है. चीन का सैन्य आधुनिकीकरण जारी रहने से अमेरिका और उनके मित्र व सहयोगियों के लिए चीनी प्रभाव को संतुलित करना चुनौती बना रहेगा.’

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप ने भी कुछ इसी तरह चीन की सैन्य महत्वकांक्षाओं का विरोध किया है. बिशप ने विवादित दक्षिण चीन सागर में जहाज़ों का बेरोक परिचालन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि चीन द्वारा कृत्रम द्वीप बनाने और वहां सैन्यकरण का उनका देश विरोध करता है.