बीपी कंट्रोल में ना हो तो इससे ब्रेन स्ट्रोक/लकवा, हार्ट फेलियर, दिखने में समस्या आना, किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्या हो सकती है । युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है ,आज वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर हाई बीपी के महत्वपूर्ण तथ्य को समझते हैं और इसके बचाव को देखते हैं।
नॉर्मल ब्लड प्रेशर <120/<80mmHg
बॉर्डरलाइन 120-129/<80
हाइपरटेंशन स्टेज 1 130-139/80-89
हाइपरटेंशन स्टेज 2 >140/>90
हाइपोटेंशन / लो बी पी <90/<60
उच्च रक्तचाप से जुड़े कुछ लक्षणों में शामिल हैं:
सिरदर्द , नाक से खून आना,दृष्टि दोष,हार्ट रेट का बढ़ जाना
छाती में दर्द, कानों में भनभनाहट की आवाज सुनाई देना
उल्टी, भ्रम की स्थिति,चिंता,मांसपेशियों में कंपन्न
हाइपरटेंशन होने के प्रमुख कारण:
1.अधिक धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन
2 फास्ट फूड, अनहेल्दी डाइट ,सेडेंटरी लाइफ़स्टाइल( एक्सरसाइज के कमी) के कारण मोटापा और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना जो हाइपरटेंशन के रिस्क को बढ़ाता है ।
3.अत्यधिक स्ट्रेस /और तनाव
हाइपरटेंशन से बचाव के टिप्स:
1. कम सोडियम/नमक लें जो स्टेज 1 उच्च रक्तचाप में बेहद मददगार है।लगभग 3-6 पॉइंट रक्तचाप को कम करता है।
2. वजन कम करें और इसे बनाए रखें। लगभग 20 पौंड वजन में कमी से रक्तचाप को लगभग 10 से 20 पॉइंट तक कम किया जा सकता है।
3.अल्कोहल का सेवन कम करें- इससे ब्लड प्रेशर में 2–4 mm Hg की कमी पाया गया है।
4.योग, प्राणायाम और व्यायाम जैसे एक्सरसाइज को नियमित रूप से करें। इसने रक्तचाप 5 से 8 मिमी एचजी तक कम होता है।
5. धूम्रपान छोड़ना- दोनों सिस्टोलिक और डायस्टोलिक उच्च रक्तचाप की सीमा को कम करने पर बड़ा प्रभाव डालता है।
6. स्ट्रेस/ तनाव कम ले।
- डॉ. विकास कुमार
बड़ी आबादी हाइपरटेंशन का शिकार
लखनऊ। हाइपरटेंशन जिसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के रूप में भी जाना जाता है, ये वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं को भी बढ़ाने वाली मानी जाती है। इसी को लेकर इंडियन सोशायटी आफ हाइपरटेंशन ने वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर जानकरी दी। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के कारण समय से पहले मृत्यु दर को 25 प्रतिशत तक कम करने के सरकार के लक्ष्य पर काम कर रही है। दवाओं की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, रोगियों की संख्या बढ़ी है।
दुनिया भर में 30-79 वर्ष की आयु के लगभग एक तिहाई वयस्कों को उच्च रक्तचाप की समस्या है। देश में 188.3 मिलियन ( 18.83 लोग हाई ब्लड प्रेशर के साथ जी रहे हैं, लेकिन इनमें से करोड़) केवल 37 प्रतिशत को ही अपनी
स्थिति के बारे में पता है।
डॉ साजिद अंसारी संयुक्त सचिव ने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या जानलेवा है, यह हृदय संबंधी बीमारियों का प्रमुख जोखिम कारक है जो दुनिया में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इस साइलेंट किलर बीमारी को लेकर सभी लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। अधिक नमक (सोडियम) या आहार में पोटैशियम की कमी भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है। इसके जोखिमों को कम करने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करें और वजन को कंट्रोल रखें। धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से दूरी बनाकर आप बचाव कर सकते हैं। इस मौके पर प्रधान अनुज माहेश्वरी, सचिव डा कोषाध्यक्ष डा नरसिंह वर्मा, ज्योति सिंह शामिल रहे।







