जहरीली शराब कांड पर सीएम सख्त, एसआईटी जांच का गठन, मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार

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एसआईटी दस दिन में सौपिगी रिपोर्ट्स, ढाई हजार से अधिक गिरफ्तार, 2812 मामले दर्जबड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद, 489 भट्ठियां ढहायीं गयीं, दो खास आरोपी दबोचे गए, दो सीओ भी निलंबित 

लखनऊ, 10 फरवरी 2019: जहरीली शराब कांड से मचे हाहाकार से यूपी की राजनिति में बड़ा उबाल है सामाजिक लोगों के साथ -साथ राजनितिक दल भी राज्य सरकार पर उँगलियाँ उठा रहे है इस मामले में उबाल के बाद सहारनपुर व कुशीनगर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच के लिए देर रात अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) संजय सिंघल के नेतृत्व एसआईटी गठित कर दी गयी। शासन ने इनसे दस दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद रविवार को भी पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहा। इस दौरान करीब ढाई हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और बड़े पैमाने पर अवैध शराब व बनाने की सामग्री बरामद की गयी। 50578 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब, 79637 कच्ची शराब की बोतलें, 489 भट्ठियां नष्ट की गयीं। विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2812 मामले दर्ज किये गये। सर्वाधिक आगरा जोन से गिरफ्तारी की गयी।

कुशीनगर में सीओ तमकुहीराज आरके तिवारी को निलम्बित कर दिया गया है। इस बीच सहारनपुर में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। अब मृतकों की संख्या बढ़कर 100 के पार पहुंच गयी है।मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद हरकत में आये आबकारी व पुलिस विभाग पिछले दो दिन से धरपकड़ में लगा है। शनिवार को छह सौ लोग गिरफ्तार किये गये थे। पिछले चौबीस घंटे के दौरान आबकारी व पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारी व बरामदगी से दोनों विभागों के अफसर हैरान हैं। इससे पता चलता है कि पूरे प्रदेश में एक भी जिला अछूता नहीं है, जहां कच्ची शराब व शराब का अवैध कारोबार न फल-फूल रहां हो।

राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) संजय सिंघल के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। टीम में गोरखपुर के कमिश्नर अमित गुप्ता, गोरखपुर के आईजी जय नरायन सिंह, सहारनपुर के कमिश्नर चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी तथा वहां के आईजी शरद सचान शामिल हैं।सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक इस टीम को प्रभावित जनपदों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मौत के कारणों का पता लगाने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त शराबकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है।

मीडिया ख़बरों के अनुसार साजिश में कौन-कौन लोग शामिल रहे है, उनकी विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिये गये है। इस बीच गृह विभाग ने सहारनपुर शराब काण्ड में 59 लोगों की मौत का दावा किया है। इनमें 36 लोगों की मौत जहरीली शराब के सेवन से, बाकी लोगों की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं हो सका है। लिहाजा जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। सहारनपुर व कुशीनगर मामले की जांच के लिए संयुक्त आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में भी टीमें बनायी गयी है।

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