हिमस्खलन की चपेट में आ कर सेना की चौकी तबाह, तीन जवान शहीद

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साढ़े चार बजे मच्छल सेक्टर में सोना पांडी गली इलाके में अचानक हिमस्खलन होने से सेना की 21 राजपूत रेजीमेंट की चौकी बर्फ में दब गई, इसके साथ ही पोस्ट पर तैनात चार जवान भी बर्फ में दब गए

जम्मू, 04 फरवरी। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के मच्छल सेक्टर में सेना की एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गई। इस हादसे में सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं, जबकि एक जवान की हालत गंभीर है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को भूकंप के झटके महसूस होने के बाद गुरुवार को कुपवाड़ा समेत कश्मीर के नौ जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया गया था। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सैनिकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार अपराह्न करीब साढ़े चार बजे मच्छल सेक्टर में सोना पांडी गली इलाके में अचानक हिमस्खलन होने से सेना की 21 राजपूत रेजीमेंट की चौकी बर्फ में दब गई। इसके साथ ही पोस्ट पर तैनात चार जवान भी बर्फ में दब गए। हिमस्खलन के बाद सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बर्फ में दबे चारों जवानों को निकाल लिया, लेकिन उनमें से एक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

अन्य तीन जवानों को श्रीनगर के बादामी बाग स्थित 92 बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां दो और जवानों ने दम तोड़ दिया। चौथे जवान बिपिन की हालत स्थिर बताई जा रही है। हिमस्खलन में शहीद जवानों की पहचान हवलदार कमलेश कुमार, नायक बलवीर व सिपाही राजेंद्र के रूप में हुई है। सेना ने अभी आधिकारिक रूप से शहीदों के नाम व पते जारी नहीं किए हैं। सेना के प्रवक्ता ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर बरामद होने की पुष्टि कर दी है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को भूकंप के झटके महसूस होने के बाद गुरुवार को कुपवाड़ा समेत कश्मीर के नौ जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया गया था। बता दें कि पिछले वर्ष दिसंबर में कुपवाड़ा और बांडीपोरा में भी हिमस्खलन की दो घटनाएं हुई थीं, जिसमें सेना के पांच जवान लापता हो गए थे। बाद में सेना ने उनकी तलाश में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। बाद में पांचों जवानों के पार्थिव शरीर बरामद किए गए थे।

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