यह हैं फायदे: कैंसर और शुगर की रोकथाम में मददगार मीठी लीची, इसमें सुक्रोज, फ्रुकटोज व ग्लूकोज की काफी मात्रा लीची के सौ ग्राम गूदे में 70 मिलीग्राम विटामिन सी, देश में इस बार लीची की बेहतरीन पैदावार
नई दिल्ली, 06 जून 2019: देश में इस बार एंटीआक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर लीची की फसल न केवल अच्छी हुई है बल्कि बेहतर गुणवत्ता और मिठास से भरपूर है। पेड़ से तोड़ने के बाद जल्दी खराब होने वाली लीची इस बार अधिक तापमान के कारण रोगमुक्त और मिठास से भरपूर है। कैंसर और मधुमेह की रोकथाम में कारगर लीची का फल इस बार न केवल सुर्ख लाल है बल्कि कीड़े से अछूता भी है।
लीची के बाग की नियमित अंतराल पर सिंचाई करने वाले किसानों ने 20 टन प्रति हेक्टेयर तक इसकी फसल ली है। लीची में सुक्रोज, फ्रूक्टोज और ग्लूकोज तीनों ही तत्व पाए जाते हैं। पाचनतंत्र और रक्त संचार को बेहतर बनाने वाली लीची के 100 ग्राम गूदे में 70 मिलीग्राम विटामिन सी होता है। इसमें वसा और सोडियम नाम मात्र के लिए होता है।
कहां होती है पैदावार:
लीची के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में बिहार का 40% योगदान है। 10 राज्यों में इसकी खेती होती है। इनमें पंजाब, हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड शामिल हैं।
राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक विशाल नाथ ने बताया कि देश में सालाना लगभग छह लाख टन लीची की पैदावार होती है जिसमें बिहार की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। तेज धूप तथा वर्षा नहीं होने की वजह से इस बार लीची के फल में कीड़ा नहीं लगा है। लीची का रंग भी काफी आकर्षक है और मिठास से भरपूर है।
उन्होंने बताया कि बिहार में 25 मई के बाद पेड़ से लीची तोड़ने वाले किसानों को प्रति किलो 70 रपए का मूल्य मिला है। इससे पहले जिन किसानों ने लीची को बाजार में उतार दिया था उसमें मिठास कम थी। आम तौर पर किसान प्रति हेक्टेयर आठ टन लीची की पैदावार लेते हैं। देश में 84000 हेक्टेयर में लीची के बाग हैं।बिहार लीची उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, अभी बिहार में 32 हजार हेक्टेयर क्षेाफल से लगभग 300 हजार मीट्रिक टन लीची का उत्पादन हो रहा है।
बिहार का देश के लीची के क्षेत्रफल एवं उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है। अब 10 राज्यों में इसका दायरा बढ़ा है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, झारखंड में लीची की पैदावार होने लगी है। देश से कनाडा, फ्रांस, कतर, कुवैत, नाव्रे, बहरीन, नेपाल , संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब तथा कुछ अन्य देशों को लीची का निर्यात भी किया जाता है। चीन, थाईलैंड, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल, फिलीपींस , इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और इजरायल में लीची के बाग हैं।







