बदलेगी चित्रकूट की सूरत

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
विकास योजनाओं का भौतिक जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के विभिन्न जनपदों व क्षेत्रों  की यात्रा कर रहे है। इस क्रम में वह चित्रकूट पहुंचे। यहां उन्होंने एक सौ इक्क्यासी करोड़ रुपए की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें एक सौ इकहत्तर करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण तथा दस करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, बेसिक शिक्षा, आजीविका मिशन, ओडीओपी मेरी छत मेरा पानी’ इलाहाबाद बैंक, बाल विकास, वन, पर्यटन, स्वास्थ्य विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसमें विकास योजनाओं को रेखांकित किया गया था। मुख्यमंत्री ने बाल विकास विभाग द्वारा संचालित अन्न प्राशन योजना का बच्चों को खीर खिलाकर शुभारम्भ किया। उन्होंने दिव्यांगजन लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर व अन्य आवश्यक उपकरण वितरित किए। स्कूली बच्चों को स्कूल बैग आदि भी वितरित किए।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व शहरी, मुख्यमंत्री आवास योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, उद्यान विभाग, दैवीय आपदा, कुम्हारी कला, बेसिक शिक्षा, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना व पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र व प्रमाण पत्र का वितरण किया।
उन्होंने कहा कि यह धरती पवित्र नगरी धर्म का प्रमुख केन्द्र रही है। हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का सर्वाधिक समय यहां पर व्यतीत किया। इस प्राचीन इतिहास के हम वंशज हैं। चित्रकूटवासी सौभाग्यशाली हैं, जिन्होंने इस तपोस्थली में जन्म लिया है।
नरेन्द्र मोदी जी द्वारा पर्यावरण के संरक्षण हेतु ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा कुम्हारी कला योजना संचालित की गई हैं। इसके तहत अब चक्के की जगह इलेक्ट्राॅनिक मशीनों द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाए जाएंगे, जिससे इस कार्य से जुड़े लोगों की आय में चार गुनी वृद्धि होगी। पहले मिट्टी के बर्तनों को कोई नहीं लेता था। लेकिन अब आयोजनों में मिट्टी के बर्तनों की मांग बढ़ेगी। कुम्हारी कला के लोगों को हर गांव में तालाबों के पट्टे दिए जाएंगे, ताकि वह मिट्टी निकाल कर बर्तन बना सकें। साथ ही, जब बरसात का जल इकट्ठा हो जाएगा, तो उसका भी उपयोग किया जा सकेगा। कुम्हारी कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिए पहले की सरकारें चिन्तित नहीं थीं, किन्तु प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के विकास हेतु कई योजनाएं चलायी हैं। दो महीने बाद ही प्रधानमंत्री द्वारा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया जाएगा। इसके निर्माण से चित्रकूट से दिल्ली की यात्रा पांच घण्टे में तय की जा सकेगी। पर्यटन के क्षेत्र में चित्रकूट की पहचान स्थापित करने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। यहां पर वायुमार्ग, सड़क मार्ग व ट्रेन मार्ग के कार्य किए जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड में प्राकृतिक सौन्दर्य प्रचुरता से मौजूद है। यहां के हर गांव के घर-घर में पानी पहुंचाने  के लिए सरकार द्वारा नौ हजार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे चेकडैम, नहर व तालाब आदि के कार्य किए जाएंगे। बुन्देलखण्ड क्षेत्र विकास से वंचित रहता था।
बुन्देलखण्ड के विकास हेतु डिफेंस काॅरीडोर का निर्माण किया जा रहा है। यहां फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी, जिससे नौजवानों व बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। उनके पलायन को रोका जा सकेगा। बुन्देलखण्ड हमारी बहुत पुरानी परम्परा की धरती है, जो देश की आजादी का केन्द्र बिन्दु भी रहा है। चित्रकूट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा यहां सड़कों के निर्माण, गोवंश आदि पर भी ध्यान दिया जाए। इसके लिए बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के साथ मंत्री, सांसद व विधायक बैठक करें।
राज्य सरकार द्वारा दूध की क्षमता बढ़ाने के लिए गो संवर्द्धन के लिए नये सिरे से कार्यवाही की जा रही है। प्रयागराज की तरह चित्रकूट की भी सूरत बदली जाएगी। इसके लिए कार्य योजना बनायी जा रही हैं। हर एक गरीब परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, आयुष्मान व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के गोल्डन कार्ड देकर उनके जीवन को सुरक्षित किया जा रहा है। कायाकल्प योजना के माध्यम से काॅन्वेण्ट स्कूलों की तरह प्रत्येक प्राथमिक व उच्च विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामतानाथ परिक्रमा पथ, लक्ष्मण पहाड़ी रोप-वे, रामघाट, वाल्मीकि आश्रम आदि तीर्थ क्षेत्रों का विकास व सौन्दर्यीकरण किया जाएगा।

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