हड़ताल का असर: ओपीडी बंद देखकर बिलख पड़े तीमारदार, आपरेशन भी टले

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निजी पैथालाजी के भी नहीं उठे शटर

लखनऊ,18 जून 2019: कोलकाता में जूनियर डाक्टरों की हड़ताल की आंच यूपी के साथ कई अन्य राज्यों तक आ पहुंची। अब ऐसे कोई मरे या जिए इससे उन्हें कोई मतलब नहीं, मालूम हो कि यह एक ऐसी हड़ताल जिसका खामियाज़ा मरीज़ों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ता है। बड़ी आस लेकर बिहार से लखनऊ इलाज कराने आएं तीमारदारों को जब यह पता चला कि यहाँ के अस्पतालों में भी ओपीडी बंद कर दी गयी है तो वह बिलख पड़े, कि अब क्या होगा और कैसे बचेगी हमारे कलेजे के टुकड़े कि जान?

पश्चिम बंगाल में डाक्टरों पर हमले के खिलाफ देशभर के डाक्टरों ने सोमवार को भी धरना-प्रदर्शन किया और हड़ताल पर रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर रेजिडेंट डाक्टरों की इस हड़ताल के कारण कई शहरों में ओपीडी सेवाएं बाधित रहीं। अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज लाइन में लगे रहे, लेकिन उनका इलाज नहीं हो सका।चिकित्सकों की हड़ताल से उत्तर प्रदेश में भी स्वास्य सेवाएं प्रभावित रहीं।

लखनऊ स्थित पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान के ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा जा सका। केजीएमयू में 93 आपरेशन टल गये। यही स्थिति एसजीपीआई में भी रही। निजी क्षेत्र के भी कई अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रहीं। जिलों में भी हड़ताल का चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ा।

हड़ताल के समर्थन में कई निजी पैथालाजी और डायग्नास्टिक्स सेंटरों के भी शटर नहीं उठे। डाक्टरों ने मार्च निकाला और काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। एसजीपीजीआई और केजीएमयू के बाहर तमाम रोगी परेशान देखे गये।

एसजीपीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि संस्थान के करीब 150 रेजीडेंट डाक्टर हड़ताल पर रहे। इस कारण संस्थान में सोमवार को कोई भी आपरेशन नहीं हुआ। नये मरीजों की भर्ती बंद रही। हालांकि केजीएमयू के प्रवक्ता ने दावा किया कि संस्थान के कई विभागों में रेजीडेंट डाक्टरों ने काम किया। केजीएमयू की ओपीडी में सोमवार को 3,580 मरीजों को देखा गया, जबकि 104 नये मरीज भर्ती किये गये। उन्होंने दावा किया कि रेजीडेंट डाक्टरों की हड़ताल के बाद भी 22 रोगियों के ऑपरेशन किये गये।

आईएमए के अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि रेजीडेंट डाक्टरों के अलावा शहर के करीब 4000 प्राइवेट डाक्टर भी हड़ताल पर रहे। इनमें प्राइवेट अस्पतालों व नर्सिंग होम्स के अलावा प्राइवेट क्लीनिक के डाक्टर भी शामिल हैं। 

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