बारिश ने नदियों का बढ़ाया जलस्तर, किसानों को सता रहा है फसलों के डूबने का डर

0
156

किसानों की बढ़ी मुसीबत

लखनऊ,13 जुलाई 2019: जोरदार बारिश ने जहां एक ओर किसानों के चेहरों पर खुशी दी है तो वहीं दूसरी ओर गोमती नदी की तराई में बसे किसानों के चेहरे लटक गये है। गोमती का बढ़ता जलस्तर उन्हें डराने लगा है। गोमती का पानी उनकी फसलों को नुक्सान न पहुंचा दें।

जिला प्रशासन गोमती के बढ़ते जलस्तर पर पैनी नजर गड़ाये हुये है। गोमती के साथ ही गंगा, घाघरा, सरयू के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हुई है लेकिन इन सभी नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे चल रहा है। बता दें कि बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के गोमती नदी की तराई में बसे गांवो में भारी बारिश के बाद गोमती के बढ़े जलस्तर से बहादुरपुर, अकड़रिया, लासा, सुल्तानपुर, जमखनवा, अस्ताल, मल्हान खेड़ा, रैथा आदि दर्जनों गांवों में बाढ़ सी स्थिति पैदा हो गयी है।

पिछले एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश से अरसे से सूखी गोमती लबालब भर गई है। उनमें गिरने वाले नालों से पानी वापस आकर खेतों को अपनी चपेट में ले रहा है। जिससे खेतों में लगी धान की फसल के साथ अन्य फसलें भी डूबने लगी हैं।

मीडिया ख़बरों के अनुसार प्रशासन भी गोमती के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क है। उपजिलाधिकारी बीकेटी प्रफुल्ल त्रिपाठी ने शुक्रवार को तराई क्षेत्र के गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने मातहत अधिकारियों को हर स्थिति से निपटने के जरूरी निर्देश दिये। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here