Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, November 2
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इंडिया

    अयोध्यावासियों के खिलाफ मानो सोशल मीडिया में अभियान चल पड़ा

    ShagunBy ShagunJune 7, 2024Updated:June 7, 2024 इंडिया No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,610

    अयोध्या समेत पूरे मंडल में बीजेपी के क्लीनस्वीप से अचंभित और आक्रोशित हैं समर्थक

    राहुल गुप्ता

    हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अयोध्या समेत आस पास की कई सीटों पे बीजेपी को मिली शिकस्त के कारण तमाम समर्थक अयोध्यावासियों समेत प्रभु श्री राम को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे। अयोध्यावासियों के लिए अभद्र भाषाओं का प्रयोग कर कोई वीडियो डाल रहा है तो कोई इनके खिलाफ अभद्र पोस्टें डाल रहा है। सोशल मीडिया यूज करने वाले भी ये सब देख सुन रहे हैं। इतना विरोध अयोध्यावासियों का! एक जैसा बना बनाया मैटेरियल संभावित हैकि यह कुछ लोगों की शरारत है।

    अयोध्यावासियों को घेरने के लिए सोशल प्लेटफार्मों में हुजूम सा आ गया है। इसको लेकर अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी खबरें आना शुरू हुई है। उम्मीद है अब जल्द ही इस तनावपूर्ण माहौल को विराम लगेगा। ये कैसे समर्थक हैं? और कैसे सनातनी? सनातन की शान, पुरुषों में उत्तम, आदर्शों और नैतिकता की खान प्रभु श्री राम को भी नहीं बख्श रहे।

    उन पर भी अहसानफरामोश होने का लांछन लगाने जैसी दुस्साहस करने वाली पोस्टें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं। तो प्रभु श्री राम के सर्वदा प्रिय अयोध्यावासियों की इनके आगे क्या बिसात? धर्म का राजनीतीकरण जब होगा तो ऐसे ही हालात उत्पन्न होते हैं। अयोध्या समेत पूरे मंडल से बीजेपी की हार समर्थकों को अचंभित जरूर करती है। तो इसका मतलब ये कतई नहीं है की ये प्रभु श्री राम और उनके प्रिय अयोध्यावासियों के खिलाफ आक्रोश दिखाएं। आत्ममुग्धता से इतर जब आप देखेंगे तो वहां पूर्व में की गईं बहुत सी गलतियों से भी पर्दा उठेगा। सनातन की परिभाषा के मायने खुद को सनातनी कहने वाले ही बदल देंगे। राजनीति क्या धर्म से बढ़कर हो गई है? क्या पावन ग्रंथ श्री राम चरित मानस में अयोध्या और अयोध्यावासियों के लिए कही गईं बातों का इन सनातनियों के समझ से परे थीं।

    “अब जाना मैं अवध प्रभावा। निगमागम पुरान अस गावा॥
    कवनेहुँ जन्म अवध बस जोई। राम परायन सो परि होई॥”

    हिंदुओं के पावन ग्रंथ श्री रामचरित मानस में ही दिए है की हर जन्म में हर अयोध्यावासी श्री राम का चहेता है किंतु कुछ राजनीतिक स्वार्थी, अयोध्यावासियों को ही राम द्रोही कह रहे हैं। हां! वो किसी दल के द्रोही हो सकते हैं। न वो रामद्रोही हैं न हिंदूद्रोही। अयोध्या से दलित हिंदू ही जीता है। तो इसमें हाय तौबा क्यों? हार और जीत तो राम ने ही रच रखी है।

    केवल मोदी और योगी चेहरे के सहारे बैठे जनप्रतिनिधि और पदाधिकारियों की निष्क्रियता और मनमानी की तरफ इन लोगों का ध्यान क्यों नहीं गया। एक बड़ी वजह तो यह भी है हार की। और इनका ध्यान इधर भी नहीं गया की तमाम अयोध्यावासियों की दुकानें और घर विकास के नाम पर भेंट चढ़ गए। उनके दर्द में मरहम रखने का भी कार्य होता तो ऐसी नौबत शायद नहीं आती। जाने
    ये कौन से हिंदू और सनातनी हैं जिन्हें राम पर ही विश्वास नहीं?
    प्रभु राम जी ने सुंदरकांड के एक प्रसंग में कहा है कि

    “निर्मल मन जन सो मोहि पावा
    मोहि कपट छल छिद्र न भावा”

    पर ऐसे लोगों ने आंखें मूंद रखी हैं, उन्हें धर्म का इस्तेमाल अपने तरीके से केवल राजनीति के लिए करना है। हां! राजनीति में तात्कालिक लाभ है, नेता को प्रसन्न करने में आपको लगता है आपका कद बढ़ता है। पर हर चीज क्षणिक है। ईश्वर ही शाश्वत है। लेकिन राजनीतिक स्वार्थ और लाभ के लिए ये सब बातें ये लोग जानते हुए भी शर्म की दहलीज भी पार कर दिए हैं।

    शर्म है कि इनको आती नहीं।
    सही बात बतानी आती नहीं ।।
    विनाश की नींव पे विकास।
    सैलानियों को भाता होगा।।
    जिनका बहुत कुछ छिना।
    उन्हें हंसी भी अब आती नहीं।।
    राम को प्रिय हैं अयोध्यावासी।
    रामद्रोहियों को ये भाते नहीं।।

    हम जन अपेक्षाओं में खरा उतरकर फिर से पहले से भी बेहतर और बड़ी शाख बना सकते हैं। जब लोकतंत्र में हर पांच साल में चुनाव होते ही रहना है तो आक्रोश, और अभद्रता से अच्छा आगे की बेहतर तैयारी क्यों नहीं?

    Shagun

    Keep Reading

    Procession: People remained immersed in devotion to Lord Chitragupta

    शोभायात्रा : भगवान चित्रगुप्त की भक्ति में लीन रहे लोग

    Electricity employees prepare for *satyagraha* (protest); 78,000 contractual workers raise a major demand.

    बिजली कर्मचारी सत्याग्रह की तैयारी, 78 हजार संविदा कर्मियों की बड़ी मांग

    Rama Ekadashi 2026: A Sacred Day, Infinite Merit

    रामा एकादशी 2026 : पावन एक दिन, अनंत पुण्य

    Satkhanda Mahal: The royal building where no one ever stayed

    सतखंडा महल: वह शाही इमारत जहाँ कभी कोई नहीं रुका

    Rahul Gandhi launches a sharp attack at the Ramlila Maidan rally, says: ‘Modi cannot go anywhere’

    रामलीला मैदान की रैली में राहुल गांधी का तीखा हमला, बोले : ‘मोदी कहीं नहीं जा सकते’

    350 children in Atarra were administered a dose of Swarna Prashan.

    अतर्रा में 350 बच्चों को पिलाई गई स्वर्ण प्राशन की खुराक

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Sai Pallavi in ​​a new avatar—donning a khaki uniform, she’s set to bring the thrill as she fights for justice in ‘Om: Chapter 1’!

    खाकी वर्दी में साई पल्लवी का नया अंदाज, ‘ओम: चैप्टर 1’ में न्याय की जंग से बढ़ेगा रोमांच!

    November 1, 2026
    Procession: People remained immersed in devotion to Lord Chitragupta

    शोभायात्रा : भगवान चित्रगुप्त की भक्ति में लीन रहे लोग

    November 1, 2026
    Electricity employees prepare for *satyagraha* (protest); 78,000 contractual workers raise a major demand.

    बिजली कर्मचारी सत्याग्रह की तैयारी, 78 हजार संविदा कर्मियों की बड़ी मांग

    November 1, 2026
    Rama Ekadashi 2026: A Sacred Day, Infinite Merit

    रामा एकादशी 2026 : पावन एक दिन, अनंत पुण्य

    November 1, 2026
    Satkhanda Mahal: The royal building where no one ever stayed

    सतखंडा महल: वह शाही इमारत जहाँ कभी कोई नहीं रुका

    November 1, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading