नृत्य कलाकारों की गुरु को भाव भरी श्रद्धांजलि

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पं.अर्जुन मिश्र जयंती कथक समारोह, युवा तबला नवाज के संग शानदार नर्तन
लखनऊ, 27 जुलाई। दिवंगत कथक गुरु पंडित अर्जुन मिश्र को उनके द्वारा स्थापित कथक अकादमी और अनुज-अर्जुन डांस कम्पनी के कलाकारों ने जयंती समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, विशिष्ट अतिथि के तौर पर रूमी फाउण्डेशन के संयोजक मुमताज अली खान और करामत हुसैन गल्र्स कालेज की प्रधानाचार्य श्रीमती नूर खान आमंत्रित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
संत गाडगे प्रेक्षागृह गोमतीनगर में आयोजित इस जयंती समारोह में अमेरिका से आए युवा तबलानवाज हिण्डोले मजूमदार अतिथि कलाकार के तौर पर सम्मिलित हुए वहीं होनहार शिष्यों ने गुरु का स्मरण कर शास्त्रीय नृत्य में प्रतिभा प्रदर्शित की। अनुज मिश्र के नृत्य निर्देशन में उनके साथ कांतिका मिश्रा, ईशा रतन, मीशा रतन, एकता मिश्रा, अंकिता मिश्रा, प्रिया चन्द, पल्लवी बासु, आस्था मिश्रा, शुभम तिवारी, नीरज कश्यप, विक्रम रस्तोगी, प्रीतम दास व राजीव रंजन द्वारा प्रस्तुत शिव स्तुति- ‘शिव शंकर कैलाशपति…’ से कथक प्रस्तुतियों का आगाज हुआ। दूसरी प्रस्तुति में पं.अर्जुन मिश्र की शिष्या व पुत्री स्मृति मिश्रा टंडन आदिशक्ति स्तुति के साथ ही लखनऊ घराने की पुरानी बंदिशों का प्रस्तुतीकरण विलम्बित तीन ताल और मध्य लय पर किया तो आगे के चरणों मंे नृत्यगति के अंतर्गत धमार ताल और तीव्र गति में बंधी पं.अर्जुन मिश्र की बंदिशों के संग भाव पक्ष मंे ठुमरी की प्रस्तुति दे नृत्य पर अपना अधिकार दर्शाया। इसी क्रम में अर्जुन मिश्र की दूसरी पुत्री व शिष्या कांतिका मिश्रा की कोरियोग्राफी में वंशिका श्रीवास्तव, वंशिका शर्मा, तनिष्का, अंशिका, उतिका, मोहिनी, खुशी रायजादा, सलोनी, खुशी सक्सेना, सताक्षी, महुआ चटर्जी, गौरी, मैत्री, श्रेया, शोना, राधिका, रीतिका, सोनी, ख्याति, अपर्णा, अनुष्का व राजीव ने गुरु अर्पण के अंतर्गत सुंदर नृत्यगतियों का प्रदर्शन किया। पं.अर्जुन मिश्र के पुत्र युवा नर्तक अनुज मिश्र प्राचीन शास्त्रीय गायन विधा ध्रुपद की परम्परा को नये अंदाज में कथक संरचना- ‘शिव-शिव..’ में बांधकर पेश किया। अनुज मिश्र की ही कोरियोग्राफी में ताल अंजलि संरचना में 15 मात्रा की पंचमसवारी ताल पर कांतिका मिश्रा, पल्लवी बासु, ईशा रतन, एकता मिश्रा, प्रिया चन्द, मीशा रतन, अंकिता मिश्रा, आस्था मिश्रा, शुभम तिवारी, प्रीतम दास व राजीव रंजन ने कलाकार 11 मात्रा की अष्टमंगल ताल में राधिका, आरुषि, श्रेया, मैत्री, अनुपम, वर्तिका, सुमन, गौरी शगुन, छवि, खुशी, आयुषी, नीरज व विक्रम ने दर्शनीय संयोजनों में लयबद्ध प्रस्तुति दी।
समारोह में अतिथि कलाकार के तौर पर सम्मिलित अमेरिका से आए युवा तबलानवाज हिण्डोले मजूमदार ने फर्रुखाबाद और पंजाब घराने की बंदिशों को तबले पर पेश किया। शिवशंकर कर्माकर ओर शंखो चटर्जी से तबले और पं.एस.शेखर से मृंदगम् की तालीम लेने वाले युवा फनकार ने श्रवणीय वादन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकारों राज खुशीराम, पूर्णिमा पाण्डे, कुमकुम धर, इल्मास हुसैन, पं.रविनाथ मिश्र, श्रीमती आशिमा सिंह, श्रीमती रश्मि चतुर्वेदी, योगेश प्रवीन, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ इत्यादि विभिन्न विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। मुख्य रूप से अनुज मिश्र की कोरियोग्राफी,विकास मिश्र व हृदय देसाई के संगीत से सजी इस प्रस्तुति में तबले पर विकास मिश्र, सारंगी पर विनोद मिश्र, सितार पर डा.नवीन मिश्र, सरोद पर गायन कर रहे हृदय देसाई से बेहतर साथ निभाया जबकि पढंत का दायित्व अनुज व कांतिका ने निभाया। प्रस्तुति में ज्योति किरन रतन, अर्चना आदि का सहयोग रहा।
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