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    Home»इंडिया

    नई शिक्षा नीति में किड्स चौपाल का कौशल विकास अभियान

    ShagunBy ShagunOctober 9, 2021 इंडिया 1 Comment5 Mins Read
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    डॉ दिलीप अग्निहोत्री

    प्रत्येक बच्चे में कोई ना कोई प्रतिभा होती है। इसको पहचानना आवश्यक है। इसी के अनुरूप उनको अवसर प्रदान करना चाहिए। कौशल विकास का यही उद्देश्य है। किड्स चौपाल भी इसी दिशा में प्रयास कर रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ सरजीत सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया गया। अध्यापक बच्चों का चेहरा पहचानते है। लेकिन उनके भीतर छिपी प्रतिभा की ओर ध्यान नहीं जाता। इसके प्रति जागरूकता आवश्यक है। इसमें अभिभावक शिक्षक व अन्य संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सब लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करें तो बच्चों को अवसर मिलेगा। इससे भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना संभव होगा। नई शिक्षा नीति का यही उद्देश्य है। नई शिक्षा नीति में कौशल विकास को समाहित किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों को समर्थ व स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किड्स चौपाल संस्था इस दिशा में प्रयास कर रही है।

    संस्था की ओर से देवेंद्र जायसवाल ने बताया कि इसका गठन स्टार्टअप के अंतर्गत किया गया। बैंगलोर व दिल्ली में इसके प्रधान कार्यालय है। इस संस्था का उद्देश्य स्कूली बच्चों को असाधारण कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उत्तर प्रदेश में बच्चों की क्षमता व रुचि के अनुरूप कौशल विकास की कार्य योजना बनाई गई है। राज्य सरकार सार्वजनिक शिक्षा में अविश्वसनीय प्रगति कर रही है। इसे एक कदम आगे ले जाने के लिए किड्स चौपाल छात्रों को उनके विशिष्ट कौशल सेट को पहचानने और उन्हें सही शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद करेगा। यह सहयोगात्मक प्रयास राज्य में बड़ी संख्या में बच्चों को अपनी प्रतिभा को अपनी पूरी क्षमता से तलाशने के लिए प्रेरित करेगा। बढ़ते क्षितिज के साथ, हमें अपने बच्चों को कल के करियर के लिए तैयार करने के लिए कौशल आधारित शिक्षा में उच्चतम संभव मानक से परिचित कराना चाहिए। राज्य अपनी मानव संसाधन क्षमता के साथ विकसित होता है।

    किड्स चौपाल का एकमात्र उद्देश्य इक्कीसवीं सदी के करियर की तैयारी पर ध्यान देने के साथ सरकारी स्कूलों में ज्ञान वर्धित कौशल आधारित पाठ्यक्रम बनाने में इस ऊर्जा का उपयोग करना है। स्कूली शिक्षा को बढ़ाने पर उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान है। किड्स चौपाल के साथ साझेदारी उन दोनों को देश में शिक्षा को बढ़ाने के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की अनुमति देगी। यह शिक्षा किड्स चौपाल के अत्याधुनिक लाइव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए दी जाएगी। किड्स चौपाल की स्थापना देवेंद्र जायसवाल और धीरज सिंह ने की थी।

    धीरज सिंह ने कहा कि यह बीस से अधिक वर्षों के उद्योग के अनुभव के साथ धारावाहिक उद्यमी हैं। उनके संयुक्त कॉर्पोरेट अनुभव में आईसीआईसीआई, एचएसबीसी,बीपीएल, अल्काटेल ल्यूसेंट और अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम करना शामिल है। वे बहु अरब डॉलर के राजस्व उत्पादक उत्पादों को विकसित करने में प्रमुख सदस्य रहे हैं। उन्होंने महसूस किया कि बच्चों को उनकी क्षमताओं को खोजने,आत्मविश्वास से सामाजिककरण और उनकी तर्कसंगत सोच को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक अंतराल और मंच की आवश्यकता थी। उनका सपना संयुक्त राज्य अमेरिका में सिलिकॉन वैली के तकनीकी दिग्गजों द्वारा समर्थित है। उद्योग के अत्यधिक अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जाती है, जिससे साबित होता है कि यह गठबंधन सफल होना तय है। यह उद्यम राज्य में उन आकाओं और शिक्षकों के लिए एक वरदान साबित होने का वादा करता है। जिनके पास कौशल और ज्ञान है जो वे प्रदान करना चाहते हैं।

    किड्स चौपाल विशेषज्ञों और छात्रों को एक तालमेल बनाने के लिए करीब लाता है। जहां दोनों प्रयास कर सकते हैं।किड्सचौपाल एक एड टेक स्टार्ट अप है। जिसकी स्थापना देवेंद्र जायसवाल और धीरज सिंह ने की थी। किड्स चौपाल का उद्देश्य बच्चों के भविष्य के लिए तैयार होने के कौशल का सम्मान करना है। उनकी दृष्टि बच्चों को कई सीखने के विकल्पों के संपर्क में लाने,अंतर अनुशासनात्मक तरीके से सोचने के लिए सक्षम बनाने और उन्हें लोकप्रिय राय से परे करियर विकल्प बनाने में मदद करने के लिए है।

    किड्स चौपाल एक ही समय में शिक्षकों और बच्चों दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने लाइव प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के साथ सर्वश्रेष्ठ तकनीक का उपयोग करता है। यह अग्रणी भारतीय कंपनियों में से एक हैं। जिन्होंने एक लाइव लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है। व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कला और शिल्प, स्वास्थ्य और स्वास्थ्य, प्रदर्शन कला, भाषा, उभरती प्रौद्योगिकियों और उद्यमिता से संबंधित क्षेत्रों में सौ से अधिक पाठ्यक्रम और कक्षाएं प्रदान करते हैं। किड्स चौपाल के साथ पांच हजार से अधिक बच्चों का नामांकन,और सौ से अधिक मेंटर्स के साथ। हर महीने लगभग तीन हजार घंटे कौशल विकास कक्षाएं आयोजित करते हैं।

    यह शिक्षकों के पेशेवर और नेतृत्व विकास पर भी ध्यान केंद्रित करता है। नई शिक्षा नीति पर आधारित नियमित कार्यशालाओं वेबिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश करता है। किड्स चौपाल को न केवल देश के अनुभवी उद्योग विशेषज्ञों का समर्थन प्राप्त है। बल्कि यूएस आधारित निवेशक और संरक्षक भी हैं। किड्स चौपाल कई सरकारी और निजी स्कूलों के साथ मेंटर्स और शिक्षकों की मदद से छात्रों को अनुभवात्मक सत्र देने के लिए गठजोड़ कर रहा है। इस अवसर पर डॉ ध्रुव कुमार त्रिपाठी,डॉ जितेंद्र जयसवाल,डॉ बीएन मिश्रा सहित अनेक शिक्षाविद अभिभावक व बच्चे उपस्थित थे।

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    1 Comment

    1. tlovertonet on December 23, 2023 7:45 am

      Very good visual appeal on this internet site, I’d rate it 10 10.

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