कर्जमाफी के बदले रिश्वत मांगने के मामले में पांच निलंबित, प्राथमिकी दर्ज

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा जिले में कर्जमाफी के बदले रिश्वत मांगने के मामले में चार लेखपालों तथा मथुरा के एक प्रशिक्षु लेखपाल को निलम्बित कर दिया है। इसके अलावा, गोंडा के करनैलगंज के कुंवरपुर अमरहा के एक कोटेदार का कोटा भी निरस्त कर दिया गया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गोंडा के तहसील सदर के दो लेखपाल, करनैलगंज के एक लेखपाल तथा कोटेदार और कटरा बाजार के एक लेखपाल को निलम्बित कर इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
प्रवक्ता ने बताया कि तहसील सदर के देवरहा गांव के निवासी पप्पू जायसवाल से वहां के लेखपाल ने रिश्वत मांगी थी। इसी प्रकार चैखडयिा के लेखपाल इन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव ने बलराम यादव से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान 500 रपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता पप्पू जायसवाल ने रिश्वत मांगने का वीडियो बना लिया तथा बलराम यादव ने भी रिश्वत मांगने के लिए फोन पर हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया तथा जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने मामले में संज्ञान लेते हुए दोनों लेखपालों को निलम्बित करने तथा सम्बन्धित एसडीएम को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद थाना खरगूपुर में एसडीएम सदर तथा करनैलगंज एवं थाना कटरा में एसडीएम करनैलगंज ने प्राथमिकी दर्ज करायी।
कर्ज माफी योजना के बदले किसानों से पैसे मांगे जाने की शिकायत पर तहसील करनैलगंज के ग्राम कुंवरपुर अमरहा के लेखपाल बृजेश कुमार तथा कटरा बाजार के ग्राम माधवपुर छपरतला के लेखपाल कमला प्रसाद को रिश्वत मांगने के आरोप में निलम्बित किया जा चुका है, जबकि इसी मामले में लेखपाल के साथ रिश्वत लेने में शामिल कुंवरपुर अमरहा के कोटेदार चेतराम गोस्वामी का कोटा निरस्त करते हुए उनके खिलाफ भी कोतवाली करनैलगंज में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित थाना प्रभारियों को अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने का आदेश दिया है तथा चेतावनी दी है कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने या लिये जाने की शिकायत पर कठोर कार्वाई की जाएगी।
प्रवक्ता ने बताया कि इसी प्रकार मथुरा की तहसील मॉट के खावल क्षेत्र के प्रशिक्षु लेखपाल तरण सिंह का राजस्व ग्राम खावल में ऋण मोचन सूची के सत्यापन के दौरान किसानों से रपये लिए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में लेखपाल साफ तौर पर किसानों से रपये मांगते दिख रहे हैं। इसकी जांच नायब तहसीलदार नौहझील ने की। उन्होंने जांच में इन तथ्यों की पुष्टि करते हुए लेखपाल के विरूद्ध दण्डात्मक कार्वाई की सिफारिश की है जिसके आधार पर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।