महिला विरोधी है बीजेपी सरकार-मरियम धावले ,  कहा महिलाओं के हित में कुछ नहीं कर रही केन्द्र व यूपी सरकार

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लखनऊ। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मरियम धावले रविवार को एडवा प्रदेश कार्यालय में बीजेपी सरकार पर जमकर बरसीं। उनका कहना था कि केन्द्र व यूपी सरकार महिला विरोधी है। भाजपा सरकार की प्राथमिकता महिला सुरक्षा नहीं बल्कि गाय, वंदेमातरम् व लव जिहाद जैसे मुद्दे हैं। महिला हिंसा के आकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2013 के मुकाबले वर्ष 2015 में 5.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुयी है। तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी का झूठा दिखावा करने वाली भाजपा सरकार इंसाफ की आस में भटक रहीं घरेलू हिंसा की शिकार हजारों महिलाओं को नजरअंदाज क्यों कर रही है? गुजरात में जब मुस्लिम महिलाओं से रेप हो रहा था, तब कहां थी मोदी की मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी? वहीं मदरसों में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं किन्तु सरकार ने उनका आर्थिक अनुदान बंद कर दिया है। भला ये कैसा सबका साथ सबका विकास हुआ? वहीं नोटबंदी और जीएसटी से आम जनता को कोई लाभ नहीं हुआ, बल्कि मोदी के चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सब किया गया। उन्होंने आगे कहा कि जनता की बुनियादी जरूरतों पर काम करने के बजाए वो नफरत की राजनीति फैला रही है। जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार ने 1090, महिला सम्मान प्रकोष्ठ व समाजवादी पेंशन योजना संचालित की थी, जिसे योगी सरकार ने खत्म कर दिया है। 1090 और महिला सम्मान प्रकोष्ठ नाम का ही रह गया है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत भी महिलाओं को राशन लेने में तमाम दिक्कतें आ रहीं हैं। चीनी तक बंद कर दी गयी है। घरेलू कामगार महिलाओं को तो बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया गया है। मनरेगा का काम बिल्कुल बंद हैं। जहां चल भी रहा है, वहां पैसे नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश सचिव मालती ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुयी घटना पर कहा कि वहां के हालात तो बद से बदतर हैं। अस्पताल में एक-एक बेड पर दो-दो, तीन-तीन बच्चे हैं। गांवो व मलिन बस्तियों में शौचालय की स्थिति बेहद खराब है, जबकि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र है। जिला सचिव सीमा राना ने कहा कि चिनहट के मल्हौर इलाके में शौचालयों के हालत बहुत खराब है। महिलाएं रात के अंधेरे में ही शौच के लिए जा सकती हैं। नगर आयुक्त से बात की गयी तो उन्होंने इसे अनसुना कर दिया।  फिलहाल एडवा ये सब बर्दाश्त नहीं करेगी, वो इन सबके के खिलाफ आवाज उठाएगी। वहीं महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य के सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग को एक मांग पत्र भेजा गया है।

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