क्या आप नवरात्री पूजा से जुडी इन महत्त्वपूर्ण बातों को जानते हैं ?

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नवरात्रि का अर्थ होता है ‘नौ राते’। नवरात्र के नौ दिन शक्ति-देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन इस साल 1 से 10 अक्टूबर तक नवरात्र है। इस बार नवरात्र 10 दिनों का है जिसे शुभ माना जाता है। नवरात से जुड़े कई ऐसी पूजन विधि-विधान है जिसे आप लोग अपनाते होंगे। लेकिन क्या आप इसके पीछे असली मत्त्व को जानती है? अगर नहीं जानती तो चलिए जानते है

जौ क्यों बोया जाता है ? 

जौ बोने का मुख्य कारण है कि अन्न ब्रम्हा है इसलिए अन्न का सम्मान करना चाहिए। किसानो को हमेशा सम्मान देना चाहिए। पूजा घर में जमीन पर जौ को बोते समय मिटटी में गोबर मिलाकर माँ का ध्यान करते हुए जौ बोये जाते है। अगर जौ सफ़ेद रंग के और सीधे उगे हो तो इसे शुभ माना जाता है। अगर जौ काले रंग के टेढ़े – मेढ़े उगते है तो अशुभ माना जाता है। नवरात्र के ख़तम होने के बाद इसे अन्न से भरे भंडार में रख देते है। इसलिए अच्छे विचारो के साथ किया गया व्रत माँ सदैव स्वीकार करती है।

कलश क्यों रखा जाता है ?

नवरात्र में पूजा के समय सबसे पहले कलश की स्थापना की जाती है। कलश सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी किसी भी चीज़ का हो सकता है। लेकिन एक बात जरुर ध्यान रखे कि कलश में छेद नही होना चाहिए। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय धन्वन्तरी जी अमृत को भी कलश में ही लेकर निकले थे। कलश पर नारियल भी रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलश में ब्रम्हा, विष्णु, महेश तीनो का वास होता है।

गणेश जी की पूजा क्यों की जाती है ?

नवरात्र में किसी प्रकार की बाधा न आये इसलिए सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। गणेश जी की पूजा दूब, शमी, बेलपत्र और 21 लड्डू या मोदक चढ़ाकर करे। गणेश जी अगर प्रसन्न हो गए तो आपको किसी भी चीज़ की कभी कोई कमी नही होगी। रिश्तेदार आपसे हमेशा खुश रहेंगे। नवरात्र में अपने कुल देवी की पूजा भी जरुर करे।

कौन से रंग माँ को पसंद है ?

माँ अम्बे को लाल रंग के फूल बहुत पसंद है। जब माँ के चरणों में फूल चढ़ाया जाता है या फिर उनको गले में फूलों की माला पहनायी जाती है तो माँ बहुत खुश होती है। शिव भगवान और माँ दुर्गा के पसंदीदा फूल एक जैसे ही है। माँ की पूजा कमल, केसर, बेला, चम्पा, चमेली, अशोक, शमी, पलाश, अमलतास, बेलपत्र, कदम्ब, गूमा आदि फूलो से कर सकते है। माँ की पूजा कभी भी दूब से नहीं करनी चाहिए। माता की प्रिय सभी वस्तुओं की सही से देखभाल करनी चाहिए।

अखंड दीप क्यों जलाते है ?

नवरात्र में पूजा के समय जो दीपक सबसे पहले दिन जलाया जाता है उसे पूरे नवरात्र के दिनों में दिन – रात जलाये रखा जाता है। सही बात यह है कि सूर्यदेव जीवन और उर्जा प्रदान करते है। पृथ्वी पर अग्नि देव दीपक में प्रज्वलित होते है। जब बिजली नहीं रही होगी तो अखंड दीपक प्रकाश के द्वारा यह बता रहा होगा कि यहाँ पूजा हो रही है। इसी तरह से हम लोगो को अँधेरे हो हटाकर अच्छे विचारो का प्रकाश फैलाना है। नवरात्र में गाय वाले घी का दीपक ही जलाया जाता है आप चाहे तो तेल का भी दीपक जला सकते है।