अडानी सहित सोलर पॉवर के 5 निजी घरानों के मामले में आयोग द्वारा सुनाये गये फैसले पर मचा बवाल

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नियामक आयोग ने सोलर पावर के छः निजी घरानों के लिये रू0 5.21 प्रतियूनिट की दर प्रस्तावित कर 31 जनवरी को बुलाई सार्वजनिक सुनवाई
उपभोक्ता परिषद का ऐलान अभी भी दर है बहुत ज्यादा हर स्तर पर होगा विरोध
उपभोक्ता परिषद का बड़ा आरोप जब देश में सोलर पावर की दरें रू. 3 से 4 प्रतियूनिट के बीच ऐसे में आयोग द्वारा प्रस्तावित रू0 5.21 प्रतियूनिट की दर बहुत ज्यादा
लखनऊ, 24 जनवरी। उप्र विद्युत नियामक आयेाग द्वारा सोलर पावर के मामले में काफी हो-हल्ला के बाद अन्ततः मेसर्स अडानी, मेसर्स सहर्सधरा, मेसर्स पीनैकल, मेसर्स टेकनिकल एसोसिएट, मेसर्स अवध रबड़ व मेसर्स सुधाकर इन्फ्राटेक की याचिका पर आज अपना फैसला सुनाते हुये उनके द्वारा दी गयी दर से अलग व नियामक आयोग द्वारा विगत दिनों कुछ निजी घरानों के मामले में तय की गई बिजली दर रू. 7.02 प्रतियूनिट से भिन्न सभी छः सोलर पावर प्रोजेक्ट को रू. 5.21 प्रतियूनिट का दर स्वीकार करने के लिये प्रस्तावित किया है। और जिस पर आम जनमानस की सार्वजनिक सुनवाई हेतु 31 जनवरी को बुलाई है।
आयोग द्वारा आदेश जारी होने के बाद उपभोक्ता परिषद ने अपना विरोध शुरू कर दिया है उपभोक्ता परिषद द्वारा आयोग के इस निर्णय पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा गया कि यदि आयोग पूरे देश में सोलर पावर की दरों पर गम्भीरता से अध्ययन करता तो आयोग द्वारा 12 वर्ष के लिये प्रस्तावित रू0 5.21 प्रतियूनिट की दर और कम होती है सबसे बड़ा सवाल अब यह खड़ा हो गया है कि विगत कुछ माह पहले जिन लग चुके सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिये आयोग द्वारा रू. 7.02 प्रतियूनिट की अधिक दर जल्दबाजी मे तय की गयी थी उस समय भी यदि मार्केट दर पर अध्ययन किया जाता तो यह अधिक दर भी कम हो सकती थी।
देश में कुछ विशेषज्ञों द्वारा 500 मेगावाट राजस्थान सोलर की दर रू. 2.44 प्रतियूनिट पर अध्ययन कर एक रिर्पोट बनायी गयी थी जिसमें इस दर में रू0 1.40 प्रतियूनिट अतिरिक्त जोड़कर यह अध्ययन किया गया था कि देश में छोटे सोलर पावर प्रोजेक्टों की दरें रू0 3.80 के आसपास होनी चाहिए। लेकिन यहाँ प्र्रस्तावित दर रू0 5.21 वर्तमान में बहुत ज्यादा है क्योंकि यह सोलर प्रोजेक्ट अभी सालों बाद शुरू होंगे तो दरें पूरे देश में और कम हो चुकी होगी।

जमकर विरोध करेगा उपभोक्ता परिषद:

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग द्वारा अडानी सहित जिन 5 निजी घरानों के मामले में रू. 5.21 प्रतियूनिट की दर 12 वर्षों के लिये प्रस्तावित की गयी है वह बहुत ज्यादा है उपभोक्ता परिषद सार्वजनिक सुनवाई में प्रस्तावित दर का जमकर विरोध करेगा उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जहाँ पूरे देश में सोलर पावर की दरें काफी कम हो गयी है उन सब पहलूओं पर विचार होना आवश्यक है। अप्रैल 2017 से लेकर दिसम्बर, 2017 के बीच देश में लगने वाले सोलर पावर प्रोजेक्टों की दरों में काफी कमी हुई है उस पर आयोग को विचार करना चाहिए था। राजस्थान बाडला 500 मेगावाट की दर रू0 2.44 प्रतियूनिट, गुजरात 500 मेगावाट 2.66 प्रतियूनिट, एनटीपीसी 250 मेगावाट डीसीआर रू. 3.14 प्रतियूनिट राजस्थान 250 मेगावाट रू. 2.48 प्रतियूनिट, तमिलनाडु 1500 मेगावाट 3.47 प्रतियूनिट जो यह साबित करते हैं कि वर्तमान में किसी भी हालत में देश में छोटे सोलर पावर प्रोजेक्टों की दरें अब रू. 3 प्रतियूनिट व रू. 4 प्रतियूनिट के बीच रहनी चाहिए।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा आयोग द्वारा जारी आज के आदेश में यह भी लिखा गया है कि इन सभी छः सोलर पावर प्रोजेक्ट के निजी घरानों को पावर कार्पोेरेशन द्वारा जो निरस्तीकरण को नोटिस दिया गया था उसे नियामक आयोग नहीं मानेगा सबसे बड़ा चैकाने वाला मामला यह है कि आयोग ने अपने आदेश में यह भी दर्ज कर दिया है कि आयोग प्रस्तावित रू0 5.21 प्रतियूनिट की दर को जो निजी घराना नहीं मानता वह अपनी बैंक गाण्रेन्टी लेकर प्रोजेक्ट लगाने से हट सकता है जो अपने आप में गम्भीर मामला है। अब यह देखना है कि पावर कार्पोरेशन आगे क्या कदम उठाता है।

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