माध्यमिक कम्प्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन उप्र का आज से आमरण अनशन

0

विद्यालयों में लगभग 10-12 लाख रु. की लागत से बनी कम्प्यूटर लैब धूल फाँक रही है और शिक्षण कार्य करने वाले कम्प्यूटर अनुदेशक बेरोजगाारी और भुखमरी का दंश झेल रहे हैं

लखनऊ। माध्यमिक कम्प्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन उप्र ने आज अपनी चार सूत्रीय माँगों को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदशालय पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन आमरण अनशन शुरु कर दिया।
प्रदेश अध्यक्षा सुश्री साजदा पंवार ने कहा कि प्रदेश के 4000 राजकीय/अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 3 वर्षों से कम्प्यूटर शिक्षा पूरी तरह से बंद है और प्रत्येक विद्यालयों में लगभग 10-12 लाख रु. की लागत से बनी कम्प्यूटर लैब धूल फाँक रही है। और शिक्षण कार्य करने वाले कम्प्यूटर अनुदेशक बेरोजगाारी और भुखमरी का दंश झेल रहे हैं। कम्प्यूटर अनुदेशकों के साथ-साथ कम्प्यूटर शिक्षा ग्रहण करने वाले लाखों छात्र/छात्राओं का भी भविष्य चैपट हो रहा है। क्योंकि माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर विषय की मान्यता सन् 2001 में प्रदान की गई थी।
जबकि इस संदर्भ में संगठन कम्प्यूटर शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं को लेकर लगातार 3 वर्षों से संघर्ष करता आ रहा है जिससे शासन और विभाग ने कम्प्यूटर शिक्षा की महत्ता को ध्यान में रखते हुये कम्प्यूटर शिक्षा को पुनः संचालित कराने के लिये तथा बेरोजगार कम्प्यूटर अनुदेशकों को एक निश्चित मानदेय पर सेवा बहाल करने के लिये 2 वर्ष पहले ही कार्यवाही पूर्ण कर ली थी। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नही की गई। इसलिये मजबूर होकर माध्यमिक कम्प्यूटर अनुदेशकों ने दिनांक 25 जुलाई से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय 18, पार्क रोड, पर चल रहे धरने को आज सुबह 10 बजे से आमरण अनशन में परिवर्तित किया है।
आज शाम 04.00 बजे तीन सालों से बन्द पड़ी कम्प्यूटर शिक्षा को संचालित कराने तथा बेरोजगार कम्प्यूटर अनुदेशकों को न्याय दिलाने के लिये संगठन के प्रतिनिधि मण्डल ने महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात की और इच्छामृत्यु की माँग की। मुलाकात के दौरान उन्होंने मा. मुख्यमंत्री जी से जल्द वार्ता कर कम्प्यूटर अनुदेशकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

प्रमुख मांगे

  • प्रदेश के 4000 राजकीय/अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को तत्काल संचालित करने के लिये पद सृजित होने तक पूर्व में कार्य कर चुके कम्प्यूटर अनुदेशकों को जूनियर अनुदेशकों की भाँति मानदेय दिया जाये।
  • 4000 राजकीय/अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में पंजाब तथा हिमाचल प्रदेश सरकार की भाँति पूर्व में कार्य कर चुके कम्प्यूटर अनुदेशकों का सीधे समायोजन किया जाये।
  • राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सृजित किये गये 1548 कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों पर पूर्व में कार्य कर चुके कम्प्यूटर अनुदेशकों को समायोजित किया जाये।
  • संघर्ष के दौरान संगठन के पदाधिकारियों पर गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here