गृहमंत्री का संघर्ष समिति को आश्वाशन: पदोन्नति बिल पास कराना सरकार की प्राथमिकता

0
653
  • संघर्ष समिति का एक 12 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात और पदोन्नति बिल पास कराने हेतु सौंपा ज्ञापन।
  • मा. गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह का संघर्ष समिति को आश्वाशन कि पदोन्नति बिल पास कराना सरकार की प्राथमिकता में जल्द सामने आयेगा परिणाम।
  • संघर्ष समिति ने पुनः दोहराया कि पदोन्नति बिल लम्बित रखने से केन्द्र सरकार के खिलाफ आरक्षण समर्थकों में व्यापक गुस्सा।
  • आरक्षण समर्थकों का ऐलान जब तक नहीं होगा पदोन्नति बिल पास तब तक नहीं बैठेंगे चुप।
लखनऊ 15 अक्टूबर। लोकसभा में लम्बित पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन 117वां बिल को पास कराने को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय संयोजक मण्डल ने देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लखनऊ स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और उन्हें प्रदेश के लगभग 8 लाख आरक्षण समर्थक कार्मिकों की व्यथा से अवगत कराते हुए लोकसभा में लम्बित पदोन्नति बिल को आगामी शीतकालीन सत्र में पास कराने को लेकर चर्चा की और कहा कि काफी लम्बे समय से पदोन्नति बिल लम्बित रखे जाने से आरक्षण समर्थकों में काफी गुस्सा व्याप्त है।
चर्चा के उपरान्त देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संघर्ष समिति संयोजक मण्डल को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता में पदोन्नति में आरक्षण बिल को पास कराना है और सरकार इस मामले पर पूरी तरह गम्भीर है, जल्द ही परिणाम सामने आयेंगे।
मा. गृहमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधि मण्डल में शामिल आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, पीएम प्रभाकर, बनी सिंह, अशोक सोनकर, श्रीनिवास राव, राजेश पासवान, चमन लाल भारती ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण संवैधानिक संशोधन बिल जब तक पास नहीं हो जाता तब तक संघर्ष समिति चुप बैठने वाली नहीं है। मा. गृहमंत्री जी ने संघर्ष समिति को आज जो आश्वासन दिया है कि पदोन्नति में आरक्षण का बिल पास कराना सरकार की प्राथमिकता में है, ऐसे में उन्हें आगामी शीतकालीन सत्र में अविलम्ब बिल को पास को पास कराना चाहिए जिस प्रकार से पिछले 3 वर्षों से ज्यादा का समय व्यतीत हो गया और सरकार का आश्वासन पूरा नहीं हो रहा है। उससे पूरे देश में केन्द्र सरकार के खिलाफ आरक्षण समर्थकों में व्यापक गुस्सा व्याप्त है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here