बाढ़ से डूबे गांवों में स्टीमर से पहुंचे मुख्यमंत्री, बाटीं राहत सामग्री

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  • मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया
  • बाढ़ग्रस्त लोगों को वितरित की राहत सामग्री
लखनऊ: 25 अगस्त, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर के बुरी तरह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तहसील चैरी-चैरा के कोना सोनबरसा, तहसील कैम्पियरगंज के कुड़िया गांव, तहसील बांसगांव के बेलदारी टोला तथा सदर तहसील के सिक्टौर गांव का स्टीमर से जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ग्रस्त लोगों के बीच जाकर उनके कष्ट और दर्द में शामिल हुए तथा उन्हें राहत/खाद्य सामग्री का वितरण किया और बाढ़ग्रस्त लोगों से मिलकर संवेदना व्यक्त की तथा आश्वासन दिया कि उप्र सरकार इस आपदा की घड़ी में पूरी तरह से आपके साथ है और हर सम्भव मदद आपको मुहैया करायी जायेगी। बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों को राहत में किसी तरह की कोताही नही बरतने का निर्देश दिया गया है, राहत/खाद्य सामग्री वितरण में कोताही नही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी दण्ड के भागी होंगे। मुख्यमंत्री ने खड़खड़िया गांव में चन्द्रबलि, राजकुमार व सुरेश को मकान ध्वस्त होने के कारण 95100 रुपए की सहायता राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ग्रस्त लोगों को आश्वस्त किया कि शासन/प्रशासन विपदा की इस घड़ी में आपके साथ है और इस आपदा की घड़ी में आप लोगों की पूरी मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिनके पक्के मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गये है उनके खाते में 95100 रुपए सीधे भेजे जायेंगे तथा जिनकी झोपड़ी या कच्चे मकान ध्वस्त हो गये है, उनका सर्वे करके अनुमन्य सहायता राशि प्रदान की जायेगी और जिनकी फसलें क्षतिग्रस्त हो गयी है उनका सर्वे कर उचित मआवजा दिया जायेगा एवं जिन व्यक्तियों की बाढ़ में मृत्यु हुई है उन्हें 4 लाख रुपए की सहायता भी प्रदान की जायेगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ़ में पशु हानि का भी सर्वे कराकर तत्काल पशुपालकों को अनुमन्य सहायता प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी निदान के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है तथा प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जनपदों में प्रभारी मंत्री को भेज कर राहत कार्यों की समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को को निर्देश दिया कि बाढ़ से किसी भी परिवार को समस्या न हो इसके लिए युद्ध स्तर पर बचाव कार्य किया जाये। जिन गांव में नाव नही पहुंच पा रही है वहां एयरफोर्स के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा जाये। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में जो भी लोग बचाव कार्य कर रहे है वे प्रशंसा के पात्र है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत/खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस आपदा की घड़ी में समाज के सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि राहत/खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को पहुंचे। प्रत्येक गांव में नाव लगाकर तथा सुरक्षा के जवानों को लगाकर सुरक्षा का पूरा इन्तेजाम किया जाये। आपदा के समय में धैर्य से कार्य करें। उन्होंने जनपद के सभी स्वंय सेवी संगठनों, समाज सेवियों से अपील की गयी है कि वे बाढ़ पीड़ितों का सहयोग करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राहत/खाद्य वितरण के समय अधिकारी/कर्मचारी की डियूटी अवश्य लगाई जाये तथा प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को समान रूप से बिना भेदभाव के खाद्यान्न उपलबध कराया जाये। उन्होंने हिदायत दी कि यदि वितरण व्यवस्था में कही भी गड़बड़ी की शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही होगी। उन्होंने राहत वितरण कार्य में लगे सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों के सहयोग हेतु हर संभव मदद को तैयार है।
इस अवसर पर सांसद बासगांव श्री कमलेश पासवान, विधायक सुश्री संगीता यादव, विधायक श्री फतेह बहादुर, विधायक श्री विमलेश पासवान, मण्डलायुक्त श्री अनिल कुमार, जिलाधिकारी श्री राजीव रौतेला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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