आरक्षण समर्थकों ने धूमधाम से मनायी संत गाडगे जी महाराज की जयन्ती

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  • संत गाडगे जी महाराज को दी श्रद्धांजलि और उनके योगदान को किया याद।
  • आरक्षण समर्थकों ने उठायी मांग केन्द्र व राज्य सरकार अनिवार्य रूप से 12वीं तक शिक्षा में उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में कराये शामिल।
लखनऊ, 23 फरवरी। संत गाडगे जी महाराज की 141वीं जयन्ती के अवसर पर आज आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र संयोजक मण्डल ने उन्हें याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके द्वारा बताये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। आरक्षण समर्थकों ने संत गाडगे जी को याद करते हुए कहा कि जिस प्रकार से उन्होंने पूरे विश्व में दबे कुचले समाज के लोगों में जागरूकता पैदा कर सर्वप्रथम स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा पर जोर दिया, वह समाज के लिये हमेशा अनुकरणीय रहेगा। आरक्षण समर्थकों ने केन्द्र व उप्र सरकार से यह मांग उठायी है कि संत गाडगे के योगदान व जीवनी को अनिवार्य रूप से 12वीं तक शिक्षा के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाये, जिससे आने वाले समय में हमारे देश की युवा पीढ़ी संत गाडगे जी से प्रेरणा ले।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, राधेश्याम, राम शब्द, आदर्श कौशल, राम औतारव सुनील कनौजिया ने कहा कि संत गाडगे जी का समाज सुधार का योगदान हमेशा इतिहास के पन्नों में सराहा जायेगा। उन्होंने गरीब मलिन बस्तियों में जाकर जिस प्रकार से अपने समय में शिक्षा पर जोर देते हुए स्वच्छता को आगे बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उसी का नतीजा है कि आज दबे कुचले समाज के लोग समाज की मुख्य धारा से जुड़कर बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के सपनों को साकार कर रहे हैं। संत गाडगे जी समाज सुधार व शिक्षा को लेकर हमेशा बाबा साहब से मिलकर अपने अभियान को आगे बढ़ाते रहे, जो अनुकरणीय रहेगा।