Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 29
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    यू टर्न या मौके की नजाकत ?

    ShagunBy ShagunNovember 21, 2021Updated:November 21, 2021 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 613

    जी के चक्रवर्ती

    19 नबम्बर 2021 को गुरुपर्व गुरुनानक जयंती के दिन देश के प्रधान मंत्री द्वारा तीन कृषि बिल कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुये देश वासियों से क्षमा मांगते देख कर इस बात ने सबको चौका दिया है। पिछले 12 महीनों से दिल्ली के सीमाओं पर किसान द्वारा चलाये जा रहे इस आंदोलन के सामने सबसे पहली बार केंद्र सरकार को झुकते हुये देखा गया है।

    एक समय इसी पार्टी के लोगों और भाजपा प्रायोजित मीडिया कर्मी के लोगों ने इन आंदोलनरत किसानों को आतंकवादी, उग्रवादी, खालिस्तानी, टुकड़े-टुकड़े गैंग, मुठ्ठी भर किसान और भी न जाने किन-किन वाक्यों से किसानों को संबोधित किया गया।

    जब से दिल्ली के सीमाओं पर किसानों के इस आंदोलन में सरकार के लिए सबसे बड़ा नाक का प्रश्न यह था कि इन किसानों को किसी भी तरह से चाहे वह डरा-धमका कर या प्रताड़ित कर किसी भी तरह इस आंदोलन को छिन्न-भिन्न कर समाप्त करवा दिया जाय।

    वर्ष 2021 के शुरुआती दिनों यानिकि जनवरी फरवरी के हाड़ कपाऊ ठंडक में पानी बरसते दिनों में दिल्ली की सीमाओं में खुली सड़कों पर टेंट में डटे रहकर और अपने प्राणों की आहुति देकर जो त्याग, बलिदान और तपस्या किया वास्तव में उसे बारम्बार नमन भी किया जाय तो शायद कम होगा। इस तरह की विद्रूप परिस्थितियों में भी संघर्ष को जारी रखने वाली बात निश्चित रूप में इतिहास में दर्ज होने वाली ही बात है।

    अब सवाल यह है कि तीन कृषि बिल कानूनों के वापस लिये जाने के घोषणा करने की विश्वसनीयता क्या है? जैसा कि किसान नेता योगेंद्र यादव द्वारा कहा गया कि इस पार्टी के लोगों विशेषतः प्रधानमंत्री द्वारा कहे जाने बात की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। जहां तक तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की बात है तो उसे निरस्त करने की कार्यवाही सत्रहवीं लोकसभा का सातवां सत्र सोमवार, 29 नवंबर, 2021 से प्रारभ होने वाले सत्र में इन कानूनों की निरस्त करने के प्रस्ताव पेश कर प्रक्रिया पूरी की जायेगी।

    ऐसे में आन्दोलन रत किसानों के नेता राकेश टिकैत व गुरुनाम सिंह चढूनी का कहना है कि जब तक यह कानूनों को रद करके न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला कानून नही बनाया जाएगा तब तक किसान आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर वापसी नही करेंगें।

    सरकार द्वारा कृषि बिल कानूनों को निरस्त करने की घोषणा से यह प्रश्न उठने लगा है कि अब तक सरकार द्वारा जिस कानून को किसानों के हित में होने की बात कह रही थी यदि वास्तव में ऐसा ही था तो इन तीन कानूनों को सरकार को वापस लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी? यदि यह बिल किसानों के हित में होते तो कहीं न कहीं सरकार इस बिल पर बहस करवा कर इसे किसानों की हितैसी बिल साबित करने की चेष्टा अवश्य करती, इससे यही बात साबित होती है कि आरम्भ से सरकार द्वारा कही जा रही बात में कोई दम नही था, बल्कि सरासर गलत था।

    इस तरह की बातों से विश्व मे अपनी शाख से पहचाने जाने वाले भारत देश के प्रधानमंत्री द्वारा इस स्तर पर बोला गया गलत बात से देश की शाख को ही गहरा आघात लगने के साथ ही देश को शर्मसार करने वाली ही बात कही जाएगी और इसके साथ ही साथ मौजूदा सरकार पर से देश की जनता का भरोसा एवं विश्वास ही उठ जाने वाला है बल्कि उठ ही गया है। जिस प्रकार से भाजपा द्वारा देश मे आगामी वर्ष होने वाले पांच राज्यो के विधान सभा चुनावों के मद्देनजर तीन कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की है उससे देश की जनता के बीच इस पार्टी और इसके नेतृत्व पर सहानिभूति उत्पन्न होने के बजाये देश की जनता का इस पार्टी से विमुख होना स्वाभाविक सी बात है। जिसका प्रभाव आगामी वर्ष देश के पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव में पड़ना तय सी बात है।

    Shagun

    Keep Reading

    पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: कुलदीप माइती की अहम भूमिका, भाजपा टिकट पर लड़ सकते हैं चुनाव?

    देह से परे, आत्मा के समीप; एक निष्काम प्रेम-यात्रा

    Dharmendra 'Pradhan' may face action

    धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नैतिकता नहीं, भारी आक्रोश के चलते शिक्षा मंत्री पद से हटे

    Rahul Gandhi's strong support for tribals: Will ensure justice for those displaced by the Ken-Betwa project.

    राहुल गांधी का आदिवासियों को बड़ा समर्थन: केन-बेतवा परियोजना में विस्थापितों को न्याय दिलाएंगे

    Memorandum by the Uttar Pradesh Primary Teachers' Association: District Magistrate confronted over 17-point demands.

    उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का ज्ञापन: 17 सूत्रीय मांगों पर जिला अधिकारी को घेरा

    Yogi's 'Janta Darshan': Listened to grievances, issued instructions, and distributed toffees to children.

    योगी का जनता दर्शन: समस्याएं सुनीं, निर्देश दिए, बच्चों को बांटीं टॉफियां

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts

    पश्चिम बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: कुलदीप माइती की अहम भूमिका, भाजपा टिकट पर लड़ सकते हैं चुनाव?

    July 28, 2026

    मोदी जी का सिपाही! रूपेश पाण्डेय की मेहनत रंग लाई, बिहार में गूंज रहा नाम

    July 28, 2026

    देह से परे, आत्मा के समीप; एक निष्काम प्रेम-यात्रा

    July 28, 2026

    McVitie’s की पैरेंट कंपनी का 2030 तक बेहतर न्यूट्रिशन वाले प्रोडक्ट्स की सेल दोगुनी करने का लक्ष्य

    July 28, 2026
    Mojtaba Khamenei's open support for Hezbollah.

    मोजतबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को खुला समर्थन

    July 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading