Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 672 एक अठन्नी आय हैं, करें रुपैया खर्च, इस सरकारी खेल पर, करते रहो रिसर्च।। करते रहो रिसर्च, लाख अपना सिर मारो, खाली करो दिमाग, अंत में हिम्मत हारो, कैसी जादूगरी खेल, कैसा मुतफ़न्नी करे।। रुपैया खर्चा आज, जब आमदनी एक अठन्नी।। -सीएम त्रिपाठी
‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन