Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 598 गए निकाले दल से, क्यों चिंतित हो श्रीमान। खोल बैठिए आप भी अपनी नयी दुकान।। अपनी नयी दुकान, टांगों नया बोर्ड धांसू सा, खुद बनिए अध्क्षय, सचिव हो साला साली। चिंता क्या श्रीमान, जो दल से गए निकाले।। सीएम त्रिपाठी