इधर-उधर न करें विसर्जित, आपके घर वाहन से आयेंगें लेने पुरानी मूर्तियां

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  • “मनकामेश्वर क्लीन सिटी” अभियान अलीगंज से शुरू
  • एक सप्ताह तक प्रतिदिन चलेगा प्रतिमा संग्रह अभियान- घर-घर जाकर किया जा रहा लोगों को जागरुक
  • देवी देवताओं के चित्र और मांगलिक चिन्ह वाली पूजन सामग्रियां न खरीदने का कराया जा रहा है संकल्प

लखनऊ में 51 से अधिक वाहन कर रहे हैं प्रतिमाओं का संग्रह

लखनऊ, रविवार 22, अक्टूबर 2017। दीपावली के बाद अमूमन लोग एक साल पुरानी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और पूजन सामग्रियां मंदिरों के आसपास, पीपल, बरगद के पेड़ के नीचे, गोमती पुल पर रख देते हैँ। आस्था के इस उपेक्षित रूप से आहत, मनकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीमहंत देव्यागिरि ने शहर को, मुक्त कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने रविवार 22 अक्टूबर से एक सप्ताह के लिए पूरे शहर में “मनकामेश्वर क्लीन सिटी”अभियान शुरुआत की है। पहले दिन अलीगंज सेक्टर सी के नेहरू बाल वाटिका से उपेक्षित पूजन सामग्रियों को एकत्र किया। इसके साथ ही यह अभियान गोमती नगर के विक्रांत खंड और मनकामेश्वर वार्ड में भी चलाया गया। श्रीमहंत देव्यागिरि ने लोगों का आवाह्न किया कि वह प्रतिमाओं और पूजन सामग्रियों के सम्मानजनक विसर्जन के लिए एक सप्ताह के अंदर मनकामेश्वर घाट तक विसर्जन हेतु पूजन सामग्रियां जरूर पहुंचा दे।

प्रतिमाओं के सम्मान जनक विसर्जन के लिए बांटे गए पर्चे

इस अभियान की अगुआई श्रीमहंत देव्यागिरि ने की। उन्होंने सुबह 6 बजे इस अभियान की शुरुआत अलीगंज सेक्टर सी के नेहरू बाल वाटिका से की। इस अभियान के तहत घर-घर जा कर लोगों को जागरुकता के लिए पर्चे बांटे गए और लोगों को संकल्प करवाया गया कि वह आस्था के प्रतीकों को उपेक्षित नहीं छोड़ेंगे। सम्मान जनक विसर्जन के लिए इस अभियान में सहयोगी बनेंगे। देवी-देवताओं के चित्र और मांगलिक चिन्ह वाली पूज्य सामग्रियां नहीं खरीदेंगे। इस अवसर श्रीमहंत देव्यागिरि ने कहा कि प्रतिमाओं का नदी में भी विसर्जन नहीं करना चाहिए। इससे नदी प्रदूषित होती है। लोगों का यह समझना चाहिए कि जब भविष्य में नदी होगी ही नहीं तो विसर्जन कहा करेंगे। उन्होंने कहा कि गोमती तो आदि गंगा है। इसे साफ रखने का संकल्प सभी को लेना चाहिए क्यों कि इसका उपयोग तो सभी धर्म जाति के लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को भू-विसर्जन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस बार उन्होंने तुलसी के बीज वाली लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं भी दीपावली से पहले वितरित की। उन प्रतिमाओं को बगीचे या गमले में विसर्जित करने से एक महीने में वहां तुलसी का पौध निकल आएगा। इस अभियान के तहत उन्होंने 1 लाख मूर्तियों का विसर्जन का लक्ष्य झूलेलाल घाट पर निर्धारित किया गया है। इसके लिए हेल्प लाइन मोबाइल नम्बर 9415025019 व 9839132261 भी जारी किये गए हैं। रविवार को मनकामेश्वर मठ मंदिर की ओर से संचालित “मनकामेश्वर क्लीन लखनऊ अभियान” में सेवादार पवन तलवार, आदित्य मिश्रा, दीपू ठाकुर, विक्की, राजकुमार, अमन शुक्ला, नीरज निषाद, राजीव सिंह तोमर सहित अन्य शामिल हुए।

स्वेच्छा से अभियान से जुड़ने वाले लोगों का हुआ सम्मान

“मनकामेश्वर क्लीन लखनऊ अभियान” से बड़ी संख्या में स्वेच्छिक समाज सेविक भी जुड़ रहे हैं। अभियान के पहले ही दिन दस से अधिक वाहन राजाजीपुरम से मनकामेश्वर घाट पहुंचे। इसके तहत हजारों की संख्या में प्रतिमाएं घाट पर पहुंचायी गईं। इस अभियान की अगुवाई कर रहे अजय तिवारी, प्रेम तिवारी का अभिनंदन श्रीमहंत देव्या गिरि ने मनकामेश्वर घाट पर किया। अजय तिवारी ने बताया कि क्लीन लखनऊ अभियान संगठन विशेष का दायित्व नहीं है बल्कि यह तो हर शहरवासी की नैतिक जिम्मेदारी है। ऐसे में इस अभियान से सभी को जुड़ना चाहिए। राजाजीपुरम के दल में शामिल सानू और रवि चमोली ने कहा कि वह श्रीमहंत देव्यागिरि के “मनकामेश्वर क्लीन सिटी”अभियान में सक्रीय भागीदारी निभाते हुए “मनकामेश्वर क्लीन लखनऊ अभियान” से सम्बंधित छापे गए जनजागृति के पर्चे भी बांटेगे और लोगों को आस्था के सम्मान के प्रति संकल्प भी करवाएंगे।

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