Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, July 13
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    डरे नहीं, जमकर खाएं बारिश के मौसम में भुट्टा

    By August 1, 2018 Featured No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,488

    भुट्टा बेहद स्वादिस्ट होता है और बारिश के मौसम तो यह बेहद मिठास देता है लेकिन इसमें भी लोगों ने कुछ भ्रांतिया फैला रखीं हैं और कुछ मिथक भी जो लोगों को इस भुट्टे से दूर रखते हैं। आइए, जानते हैं उन मिथकों की सच्चाई। वेबसाइट ‘हफिंग्टन पोस्ट डॉट कॉम’ की रपट के मुताबिक, मीठे मक्के के बारे में कुछ मिथक और उसकी सच्चाई-

    कुछ लोग मानते हैं कि मक्का स्वास्थ्यवर्धक नहीं है, मगर ऐसा नहीं है. कच्चा मक्का एक सब्जी है, जिसमें कई पोषक तत्व होते हैं। मक्का को स्वास्थ्यवर्धक नहीं मानने के पीछे का तर्क इसमें उच्च मंड (स्टार्च) का होना है। मिथक है कि आपका शरीर मक्का को नहीं पचा सकता। यह सच है कि मक्का में अघुलनशील फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह खराब है। शोध में यह बात सामने आई है कि अघुलनशील फाइबर हमारी आंत में अच्छे बैक्टीरिया की वृद्धि में सहायक है।

    मिथक है कि मक्का पोषक तत्वों का बढ़िया स्रोत नहीं है, मगर मक्का में विटामिन बी और सी होता है। साथ ही इसमें मैग्निशियम और पोटाशियम भी होता है। पीले मक्के में काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो आंखों के लिए फायदेमंद है।

    कहा जाता है कि मक्का नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें शर्करा की मात्रा बेहद ज्यादा होती है. सवाल यह है कि अगर आप ज्यादा शर्करा होने के कारण केला खाना बंद नहीं कर सकते, तो फिर मक्का क्यों?
    सच्चाई यह है कि एक भुट्टे में करीब छह से आठ ग्राम तक शर्करा होता है, जबकि केला में लगभग 15 ग्राम!

    Keep Reading

    3 मिनट की झपकी एक ईमानदार इंसान की इज़्ज़त लगभग छीन लेती

    Sold taxi to save a girl's life; later, the true recipient of the gold medal was found.

    टैक्सी बेचकर बचाई लड़की की जान, फिर मिला गोल्ड मेडल का असली हकदार

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    Energy imbalance in the body during summer: Don't ignore fatigue, it's your body's SOS signal!

    गर्मियों में शरीर की ऊर्जा का असंतुलन: थकान को नजरअंदाज न करें, ये शरीर का SOS सिग्नल है!

    In Uttar Pradesh's Scorching Heat, AC Water Becomes a Boon! Instead of Discarding It, Here's How to Use It

    उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी में AC का पानी बना वरदान! फेंकने की बजाय ऐसे करें इस्तेमाल

    Sour Burps and Food Regurgitating into the Mouth—Is It Just Acidity, or Could It Lead to Cancer?

    खट्टी डकारें और मुंह में वापस आता खाना- क्या ये सिर्फ एसिडिटी है या कैंसर तक ले जा सकती है?

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    July 13, 2026
    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    July 13, 2026
    Ethanol Blending Controversy: Public Concern vs. Government Agenda

    एथनॉल ब्लेंडिंग विवाद: जनता की चिंता vs सरकार का एजेंडा

    July 13, 2026
    Shrinking families, fraying ties: The quiet sob of loneliness echoed at the seminar.

    सिमटता परिवार, बिखरते रिश्ते: अकेलेपन की सिसकी गूंजी संगोष्ठी में

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading