Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, October 29
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    तिलोनिया की ये सौर माएं

    ShagunBy ShagunMay 1, 2022Updated:May 4, 2022 Hot issue No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    चित्र में अफ्रीका के एक देश की महिलाएं तिलोनिया में सोलर पैनल बनाना सीखते हुए।
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 744

    रामधनी द्विवेदी

    चीन ने पिछली शती के सातवें दशक में जब अपने यहां बेयरफुट डाक्‍टर की बुनियाद डाली थी तो उसके पीछे उसकी मंशा देश के सबसे निचले स्‍तर तक चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध कराने की थी। आज चीन की चिकित्‍सा सुविधा इतनी विकसित है कि भारत से प्रतिवर्ष हजारों की संख्‍या में छात्र वहां चिकित्‍सा शास्‍त्र की पढ़ाई के लिए जाते हैं और दुनिया की अधिकतर फार्मा कं‍पनियां कच्‍चे माल कि लिए चीन पर ही निर्भर हैं। बेयरफुट डाक्‍टर अब भी वहां काम करते हैं लेकिन उनका नाम बदल कर विलेज डाक्‍टर कर दिया गया है। संभवत: उसी से प्रेरित होकर भारत के राजस्‍थान में बेयरफुट कालेज की स्‍थापना की गई। इसका मकसद भी गांव के अपढ़ या कम पढ़े लिखे लोगों को बेसिक तकनीकी जानकारी देकर उन्‍हें अपने पैरों पर खड़ा करना,आर्थिक रूप से मजबूत करना और आसपास के लोगों को अपनी जानकारी का लाभ दिलाना था। बेयरफुट कालेज की स्‍थापना 1972 में सोशल वर्क रिसर्च सेंटर के अंतर्गत की गई थी।

    अप्रैल के आखिरी सप्‍ताह की दोपहर जयपुर में जवाहर कला केंद्र के कॉफी हाउस में कुछ पत्रकारों के साथ गैर सरकारी संगठन एमकेएसएस (मजदूर किसान शक्ति संगठन) के कमल टांक से मुलाकात हुई तो उन्‍होंने विश्‍व भर में विख्‍यात सेालर ममाज (सौर माएं) के बारे में बताया कि कैसे बेयरफुट कालेज से प्रशिक्षित होकर निकली निरक्षर महिलाओं ने दुनिया भर के अंधेरे गांवों में रोशनी पहुंचायी है। ये सौर माएं सोलर सेल असेंबल कर सोलर पैनल बनाने, सेालर लालटेन और इसी तरह के छोटे मोटे उपकरण असंबल करने,खराब हो जाने पर उनकी मरम्‍मत करने में दक्ष होती हैं। राजस्‍थान के एक छोटे से गांव तिलोनिया से हुई छोटी सी शुरुआत आज लगभग सौ देशों तक पहुंच गई है। इन देशों की महिलाएं भारत आती हैं और यहां से प्रशिक्षित हो कर अपने देश जाने के बाद वहां का अंधेरा दूर कर रही हैं।

    इन्‍हीं बेयरफुट कालेज से प्रशिक्षित लोगों की उप‍लब्धिओं पर जवाहर कला केंद्र में प्रदर्शनी लगी थी जिसमें पोस्‍टरों के माध्‍यम से सभी जानकारी दी गई थी। शिल्‍प ग्राम में वहां के उत्‍पादों की भी प्रदर्शनी थी। राजस्थान के ये कालेज न सिर्फ सोलर सेल तकनीक का प्रशिक्षण दे रहे हैं बल्कि गांवों की अर्थव्‍यवस्‍था में शामिल हर तकनीक का प्रशिक्षण उनके पास है। यहां तक कि प्राथमिक चिकित्‍सा और छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज करने का तरीका भी बताया जाता है। ग्रामीण महिलाओं को सफेद कोट पहने किसी सुलझे हुए डेंटिस्‍ट की तरह दांतों की जांच करने और प्राथमिक उपचार करते देखने का चित्र बरबस ध्‍यान खींचता था। इसी तरह कपड़ों पर कढ़ाई करते, दरी,चादर,तकिए और कुशन के खोल, कुर्ते-पाजामे आदि बनाने का प्रशिक्षण भी मिलता है।

    चमड़े के बने आधुनिक सामान बाजार में मिलने वाले फैशनेबल सामान की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ होता है,बस उन्‍हें जरा और आकर्षक बनाने की जरूरत अवश्‍य लगी। ग्राम्‍य शिल्‍प को बाजार में जगह बनाने के लिए प्रतिस्‍पर्धात्मक होना होगा। मैंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा कतरनों और भूसे से बनी छोटी छोटी चिडि़यां भी शिल्‍प ग्राम में देखीं लेकिन उनकी बिक्री होते नहीं देखा क्‍यों कि इस तरह के खिलौने मैने बचपन में अपनी मां को बिना किसी प्रशिक्षण के बनाते देखा जिससे वह बच्‍चों को बहलाया करती थी। शिल्‍प ग्राम में दिखे ऐसे खिलौनों में कोई नवोन्‍मेष नहीं दिखा। इसी तरह लकड़ी के परंपरागत सामान ही दिखे। इस क्षेत्र में अभी और काम करने गुंजाइश बनी हुई है।

    मेरे बचपन में गांव अपने में आत्‍मनिर्भर इकाई होते थे। आधुनिक तकनीक में भले ही वे पीछे हों लेकिन अपनी जरूरत की हर चीज वे खुद बनाते थे और उनके बिगड़ जाने पर मरम्‍मत भी कर लेते। कभी घरेलू या किसानी की चीजों के लिए खरीदारी करने गांव के लोगों को शहर जाते नहीं देखा। मेरे दादा जी और ताऊ लगभग सभी काम खुद कर लेते थे। जो तकनीकी काम होता उसे गांव के बढ़ई और लुहार कर लेते। जब बड़ी मशीनों ने गांवों की ओर रुख किया तो उसकी खरीद और मरम्‍मत के लिए ग्रामीण शहरों पर निर्भर होने लगे। गांव के छोटे कारीगरों की रोजी रोटी बड़ी मशीनों ने छीन ली। बेयरफुट कालेज इन्‍हीं छोटे कारीगरों को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही है।

    Shagun

    Keep Reading

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    योगी सरकार में RTI के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा के लिए 698.27 करोड़ रुपए आवंटित

    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    Grand ceremony in Sarojini Nagar in honor of retired teachers; 12 educators receive special recognition.

    सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में सरोजिनी नगर में भव्य समारोह, 12 गुरुजनों को मिला विशेष आदर

    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading