समृद्ध इतिहास और संस्कृति की गाथाएं सुनाते कटनी के पर्यटन स्थल

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मध्य प्रदेश की धरती पर लम्बे समय तक कई राजवंशों और साम्राज्यों का शासन रहा है। इस दौरान इस राज्य में कई सांस्कृतिक स्थलों का निर्माण किया गया था। मध्य प्रदेश में स्थित कटनी को घूमने की दृष्टि से ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है लेकिन इस छोटे-से कस्बे का इतिहास और शानदार इमारतें महाकौशल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के समय की याद दिलाती हैं। देश के सबसे लंबे रेल जंक्शन वाले कटनी में अनेक दर्शनीय स्थल हैं और ये शहर कटनी नदी के तट पर बसा है।

कटनी की नाम कथा: कटनी के नाम के पीछे एक दिलचस्प ऐतिहासिक कथा प्रचलित है। इतिहास के अनुसार कटनी नामक गांव उन बहादुर लोगों को समर्पित किया गया था जो दूसरों के सिर काटते थे। ब्रिटिश काल से भी कुछ ऐसी ही कहानी जुड़ी हुई है।

कहा जाता है कि कटनी वो जगह है जहां वे विद्रोहियों और लुटेरों के सिर काट देते थे और लोगों को डराने के लिए उन्हें चौक पर लटका देते थे। मध्य प्रदेश के इस छोटे-से कस्बे की ना केवल संस्कृति मशहूर है बल्कि इसके ऐतिहासिक स्थल और इमारतें भी आपको मध्य प्रदेश के इतिहास के बारे में जानने में मदद करेंगी।

विजयराघवगढ़ किला: विजयराघवगढ़ किले की इसकी दीवारें आज भी समृद्ध इतिहास और संस्कृति की गाथाएं गाती हैं। यहां पर अंताह पुरम, गुप्त द्वार, समाधि स्थल, रंग महल, विजयराघव गढ़ में सीता मंदिर आदि देख सकते हैं।

2-56 शिव मंदिर भरभरा कटनी मध्य प्रदेश - Shri Ram Sanskritik Shodh Sansthan Nyas

बहोरीबंद: कटनी में दर्जनों मंदिर हैं। बहोरीबंद में 12 फीट ऊंची जैन तीर्थांकारा शांतिनाथ की मूर्ति स्थापित है। पर्यटकों के बीच ये मूर्ति अत्यंत अध्यात्मिक महत्व रखती है। प्राचीन समय के शासकों द्वारा इस मूर्ति का निर्माण करवाया गया था। इस जगह पर सूर्य देवता और भगवान नारायण द्वार अद्भुत हैं। मंदिर के केंद्र में भगवान शिव की पंचलिंगा मूर्ति स्थापित है। रूपनाथ मंदिर में तीन कुंड या तालाब भी स्थित हैं जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करते हैं। इन कुंडों में सबसे ऊपर राम कुंड है फिर बीच में लक्ष्मण कुंड और फिर सबसे नीचे सीता कुंड है। मान्यता है वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने कुछ समय यहां बिताया था।

जागति पार्क: कतनी में कई ऐतिहासिक और क्वालिटी टाइम बिताने के लिए ये जगह बेहतरीन है।

बिलहरी: कतनी का आर्कियोलॉजिकल कॉप्लेक्स है बिलहरी जहां पर कई ऐतिहासिक अजूबे मौजूद हैं। इस जगह के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के बारे में बात करते हुए बिलहरी के मंदिरों को कैसे भूल सकते हैं। पहले बिलहरी को पुष्पवटी के नाम से जाना जाता है। इस जगह पर सदियों पुरानी मूर्तियां मौजूद हैं। बिलहरी में हिंदू देवता भगवान शिव और भगवान विष्णु के अनेक मंदिर हैं।

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