जापानी इंसेफेला‍इटिस से बचाने को लेकर स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी घर-घर देंगे दस्‍तक 

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  • 10 से 28 फरवरी तक गोरखपुर व बस्‍ती मण्‍डल में चलेगा अभियान 
  • साथ में चलेगा संचारी रोग नियन्‍त्रण अभियान, तैयारियों के निर्देश
लखनऊ, 03 फरवरी 2019: संचारी रोगों से होने वाली मौत में कमी लाने के लिए पूरे प्रदेश में व्‍यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही जापानी इंसेफेलाइटिस से अति प्रभावित गोरखपुर और बस्‍ती मण्‍डल में एक और अभियान चलेगा, जिसे ‘दस्‍तक’ नाम दिया गया है। स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी और सहयोगी संस्‍थाएं घर – घर जाकर विभिन्‍न माध्‍यमों से लोगों को जागरुक करेंगे। यह अभियान आगामी 10 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा।
चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य महानिदेशक ने समस्‍त जनपदों के मुख्‍य चिकित्‍साधिकारियों को इस आशय का पत्र भेजा है। मुख्‍यमन्‍त्री योगी आदित्‍यनाथ ने गत 25 जनवरी को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की बैठक में यह निर्देश दिया है। इस निर्देश के तहत वर्ष 2019 का यह पहला अभियान पूरे 75 जनपदों में चलेगा। वहीं बस्‍ती व गोरखपुर मण्‍डल के कुल 7 जिले संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्‍ती, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया व गोरखपुर जो जापानी इंसेफेलाइटिस व एईएस से काफी प्रभावित हैं, वहां पर इसके साथ ही दस्‍तक कार्यक्रम भी चलेगा। इसके लिए पहली अर्न्‍तविभागीय बैठक 4 फरवरी को होगी। जबकि जनपद मुख्‍यालय पर ब्‍लाक प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण 5 फरवरी को होगा।
ब्‍लाक चिकित्‍सालयों पर आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संवेदीकरण 6 फरवरी को होगा, ज‍बकि खण्‍ड विकास अधिकारी की अध्‍यक्षता में ब्‍लाक स्‍तरीय ग्राम प्रधानों की संवेदीकरण बैठक 7 फरवरी को होगी। वहीं ब्‍लाक स्‍तर पर नोडल अध्‍यापकों का संवेदीकरण 8 फरवरी को होगा। वहीं सभी विभागों के द्वारा बनाई गई विस्‍तृत कार्ययोजना जमा कराई जाएगी। 9 फरवरी को  यह कार्ययोजना यूनीसेफ, डब्‍ल्‍यूएचओ व एनपीएसपी को उपलब्‍ध कराई जाएगी। वहीं 10 फरवरी को यह अभियान शुरु किया जाएगा। हर शनिवार को अभियान की अर्न्‍तविभागीय समीक्षा होगी और सोमवार को सा‍प्‍ताहिक रिपोर्ट राज्‍य मुख्‍यालय को भेजी जाएगी। अभियान के पूरे महीने की रिपोर्ट राज्‍य मुख्‍यालय को 5 मार्च को भेजी जाएगी।
कुल 10 विभाग होंगे अभियान में शामिल:
इस अभियान में चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अतिरिक्‍त नगर विकास विभाग, पंचायती राज व ग्राम्‍य विकास विभाग, जल निगम, पशुपालन विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, चिकित्‍सा शिक्षा विभाग, दिव्‍यांग जन सशक्तिकरण विभाग, समाज कल्‍याण विभाग , कृषि व सिंचाई विभाग तथा सूचना विभाग शामिल होंगे। सभी विभागों के लिए अलग अलग कार्ययोजनाएं भेजी गई हैं, साथ ही साथ उनकी भूमिका व उत्‍तरदायित्‍व का भी निर्धारण किया गया है।

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