बांग्लादेश में बदलेगा ट्रैफिक लॉ, ड्रंक एंड ड्राइव केस में अब होगी फांसी

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ढाका, 07 अगस्त 2018: बांग्लादेश में हजारों छात्रों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन लगातार 9वें दिन जारी रहा। इसकी वजह से सरकार को सोमवार को सभी स्कूल बंद करने पड़े। सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत से आक्रोशित छात्र मंत्री शाहजहां खान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। ज्यादातर प्रदर्शनकारी किशोर हैं। बीते रविवार को एक तेज़ रफ़्तार बस ने एक लड़के और लड़की को कुचल दिया था। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बता दें कि उनकी मौत के बाद से ही ढाका में ये प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में ट्रैफिक सिस्टम बहुत खराब है। हाल के दिनों में हुए सड़क हादसों में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। बांग्लादेश की हसीन सरकार सड़क हादसों में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों को सज़ा-ए-मौत देने पर भी विचार कर रही है। बीते दिनों हुए प्रदर्शन के दौरान हज़ारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए थे। इन लोगों की मांग है कि सड़क सुरक्षा को बेहतर किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने ट्रांसपोर्ट कानून में भी बदलाव की मांग की है।

बांग्लादेश में सड़के ही नहीं यहां की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी विवाद का विषय है, खासकर यहां की बस सेवा। बांग्लादेश में लोग प्राइवेट बस ऑपरेटरों की दया पर निर्भर हैं जिनके परिचालन के लिए कोई नियम नहीं है। यदि बस ड्राइवर की लापरवाही से किसी की जान जाती है और लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं तो फिर बस ऑपरेटर ही हड़ताल पर चले जाते हैं। सरकार न तो कभी इसमें हस्तक्षेप करती है और न ही संबंधित नियमों को मजबूत करने की कोशिश करती है।

बता दें कि बांग्लादेश की आवामी लीग सरकार ने एक हफ्ते से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कई प्रयास किए लेकिन यह आंदोलन अब भी जारी है। आंदोलन 11-17 आयु वर्ग के छात्रों द्वारा चलाया जा रहा है जो किसी भी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं हैं। सत्ताधारी पार्टी इस आंदोलन के पीछे पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खलील जिया का हाथ होने का आरोप लगा रही है हालांकि आंदोलन की प्रकृति को देखते हुए किसी ने भी आंदोलनकारी छात्रों की प्रेरणा पर सवाल नहीं उठाया है।

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