हाथ धोने के कारण डायरिया जैसी बीमारी से 47 प्रतिशत तक आयी कमी

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लखनऊ विवि में आयोजित हुआ हैंड वाशिंग फार ऑल विषय पर वेबिनार

लखनऊ विश्वविद्यालय के अवसर पर गुरुवार को ‘हैंड वॉशिंग फॉर ऑल’ थीम पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के मुख्य वक्ता फारुख रहमान खान रीजनल मैनेजर नार्थ इंडिया, वॉटर एड् इंडिया ने कहा कि आज इस कोविड-19 के दौरान हम सब ने ही अनुभव किया कि हाथों की स्वच्छता कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण है। सही तरीके से सही समय अवधि से हाथ धोने से हम बहुत सारी बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।

उन्होंने लेंसेट शोध पत्र का सन्दर्भ देते हुए बताया कि डायरिया जैसी बीमारी में 47 प्रतिशत तक की कमी पायी गयी, जहाँ हैण्ड वाशिंग का अभ्यास किया गया एवं एक्यूट रेस्पिरेटरी संक्रमण में भी 23 प्रतिशत की कमी पाई गयी। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हैण्ड वाशिंग सबसे कास्ट इफेक्टिव तरीका है। जन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का उन्होंने हैण्ड वाशिंग विथ सोप इन क्रिटिकल टाइम्स की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि हैंड वॉशिंग सबसे आसान और सबसे कम कीमत का तरीका है जिससे हम बीमारियों को फैलने से संक्रमण फैलने से रोक सकते हैं। उन्होंने स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा भी कहा कि शहरों में 56 प्रतिशत व ग्रामीण क्षेत्रो में 25 प्रतिशत लोग खाना खाने से पहले हाथ धुलते हैं।

कार्यक्रम की अन्य वक्ता डॉ नीलम सिंह, निदेशक, वात्सल्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि गत 4-5 वर्षों स हम लोग ग्लोबल हैण्ड वाशिंग डे समुदाय के बीच जाकर मना रहे हैं, हैण्ड वाशिंग फॉर आल थीम को हम सभी ग्लोबल एडवोकेसी डे के रूप में देख रहे हैं I कोविड-19 के चलते हम सब ने हैंडवाशिंग की महत्ता को जाना और समझा और कैसे हैण्ड वाशिंग कोविड-19 के दौरान एक पब्लिक हेल्थ इंटरवेंशन बनके हमारे सामने आया उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के साथ बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मंदिर ,मार्केट प्लेस, मॉल इन सब के बाहर हाथ धोने की व्यवस्था और सुनिश्चित की जानी चाहिए जो कि किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकने में प्रभावपूर्ण होगी।

प्रो. तृप्ता त्रिवेदी डीन शिक्षा एवं विज्ञान संकाय लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमें विश्वविद्यालय में हाथ धोने की मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए यह भी देखना होगा कि हमारे आसपास हम जहां रह रहे हैं उन जगहों पर ग्रामीण क्षेत्रों में हम किस प्रकार इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

डॉ राकेश द्विवेदी कार्यक्रम समन्वयक सेवा योजना लखनऊ विश्वविद्यालय ने अतिथियों का स्वागत एवं वेबिनार के विषय में बताते हुए कहा कि आज इस कोविड-19 के दौरान हम सब ने ही अनुभव किया कि हाथों की स्वच्छता कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण है सही तरीके से सही समय अवधि तक हाथ धोने से हम बहुत सारी बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. अवधेश त्रिपाठी डीन, सीडीसी, लखनऊ विश्वविद्यालय ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया एवं हाथ धोने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी को युवाओं में फैलाने के लिए सभी का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन आर्ट्स, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, एकेडमिक, रिक्रूटमेंट, शोध, कुलानुशासक, आई पी पी आर निदेशक, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, इंचार्ज न्यू कैंपस, लायिब्ररियन, टैगोर पुस्तकालय, सहयुक्त महाविद्यालय के प्राचार्या, कार्यक्रम अधिकारी, शिक्षक गण उपस्थित थे।

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