क्या है वैज्ञानिक कारण कि ‘दूध उफनता है, पानी क्यों नहीं’

0
303

 हम सभी के जीवन में आस-पास विज्ञान से जुड़ी कई चीजें मौजूद हैं लेकिन कभी-कभी ही लोग उसे जान पाते हैं। अक्सर हमारे दिमाग में किसी बात को लेकर उसके बारे में जानने कि जिज्ञासा रहती है। इसी में से एक है दूध। लगभग सभी घरों में दूध का उपयोग किया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दूध को उबालते वक्त वह बर्तन से बाहर क्यों आने लगता है? जबकि पानी को उबालते वक्त वह बाहर नहीं आता है। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है? हम आपको बताने जा रहे हैं इसके पिछे का वैज्ञानिक रहस्य कि क्यों दूध उबलने पर ऊपर आता है, लेकिन पानी नहीं?

वास्तव में दूध में वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और कई तरह के खनिज होते हैं। मुख्य रूप से दूध में वसा के अणु शामिल होते हैं और प्रोटीन के रूप मे केसीन के अणु पाएं जाते हैं। दूध में 87 फीसदी पानी, 4 फीसदी प्रोटीन, 5 फीसदी लैक्टोज (दूध चीनी) होता है। जब दूध को गर्म किया जाता है तब उसमें से पानी की भाप बनना शुरू होता है और दूध में मौजूद वसा

और अन्य पदार्थों के गाढ़ापन बढ़ जाते हैं। फिर वसा, प्रोटीन और खनिज अलग हो जाते हैं और चूंकि वे दूध की तुलना में हल्के होते हैं इसलिए वे क्रीम के रूप में दूध की सतह पर इकट्ठा हो जाते हैं। दूध के ऊपर एक परत बन जाने से अंदर के वाष्प (भाप) को बाहर निकलने से रोक देते हैं।

दूध के ऊपर उसमें पाए जाने वाले केसीन प्रोटीन की एक परत बन जाती है। इसके बाद दूध में मौजूद पानी के अणु दूध के अंदर ही वाष्प (भाप) बन जाते हैं और फिर बाहर निकलना चाहते हैं और दूध के निचली सतह पर प्रेशर बनाना शुरु कर देते हैं। बाहर निकलने का रास्ता ना मिलने पर वो वाष्प के रूप में बाहर आना चाहता है और जिसके कारण दूध बर्तन से बाहर निकल जाता है।

अब आपको आश्चर्य होगा की फिर पानी को उबालने पर ऐसा क्यों नहीं होता है? पानी बर्तन से बाहर क्यों नहीं गिरता है?

दरअसल, पानी में दूध की तरह कोई परत नहीं बनती है। पानी में दूध की तरह कोई प्रोटीन या वसा नहीं होती हैं जो गरम करने पर उसके ऊपर परत बनाए। इसलिए उसमें वाष्प को निकलने में कोई रुकावट नहीं होती है। – विनय मोहन ‘खारवन’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here